खतौली में नहर टूटने से जलभराव, भाकियू नेता अंकुश प्रधान को जल सत्याग्रह पड़ा भारी, अस्पताल में किया भर्ती
खतौली/मुजफ्फरनगर। खतौली के भूड़ स्थित राजवाहे (नहर) की पटरी टूटने से पास की कॉलोनी में भीषण जलभराव हो गया, जिसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता अंकुश प्रधान ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। कड़ाके की सर्दी की रात में कई घंटे पानी में खड़े रहने के कारण अंकुश प्रधान की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन में सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अंकुश प्रधान ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपना विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना दिए जाने के बावजूद सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कई घंटे तक पानी में खड़े रहने के कारण अंकुश प्रधान की हालत नाजुक हो गई। ग्रामीणों ने उन्हें एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
मामला बिगड़ता देख, देर रात को ही सिंचाई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात की और दिन निकलते ही प्राथमिकता के आधार पर राजवाहे की मरम्मत शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद, गुस्साए ग्रामीण शांत हुए और विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया।
पुराना विवाद: उल्लेखनीय है कि अंकुश प्रधान और सिंचाई विभाग के बीच पहले भी तनाव रहा है। बीते दिनों नहर की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट को सड़क से तुरंत हटाने की मांग को लेकर अंकुश प्रधान की विभाग के पतरोल (Patrol) से बहस हुई थी, जिसके बाद पतरोल की शिकायत पर अंकुश प्रधान के खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
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