नोएडा। छात्रों को भारत सरकार के परमाणु उर्जा विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र (बीएआरसी) में कैरियर के अवसरों को जानकारी प्रदान करने के लिए आज बीएआरसी के वैज्ञानिक युवराज नितिन और वैज्ञानिक निशांत मिश्रा ने एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर वाइस चांसलर डा. बलविंदर शुक्ला और एमिटी टेक्नीकली प्लेसमेंट सेंटर के अपर निदेशक डा. अंजनी कुमार भटनागर ने उनका स्वागत किया। इस भ्रमण का उददेश्य छात्रों को परमाणु उर्जा विभाग में किए जा रहे अनुसंधान व विकास बारे में बताना और बीएआरसी प्रशिक्षण स्कूल के जरिए इंजीनियरिंग और विज्ञान स्नातकों के लिए कैरियर के बारे में जानकारी प्रदान करना रहा।
वैज्ञानिक युवराज नितिन ने कहा कि बीएआरसी न्यूक्लियर फिजिक्स और न्यूक्लियर एनर्जी, मैटेरियल्स साइंस, रेडिएशन बायोलॉजी और हेल्थ फिजिक्स, आइसोटोप प्रोडक्शन और एप्लीकेशन्स, न्यूक्लियर इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अनुसंधान व विकास को बढ़ावा देता है। शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग अकादमिक सहयोग बहुत आवश्यक है, और हमें छात्रों को इंटर्नशिप के मौके देने में खुशी होगी जो उनके करियर में आगे बढ़ने में उनकी मदद करेंगे।
वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि बीएआरसी एक बहुत जाना-माना संस्थान है और परमाणु उर्जा के क्षेत्र में अग्रणी है। एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर साइंस एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना इस मकसद से की गई थी कि छात्रों को न्यूक्लियर साइंस के फील्ड में सबसे अच्छे मौके मिलें और वे उद्योगों के लिए तैयार हों। हम अपने छात्रों को इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर प्रदान करते है, जिससे उनके कौशल विकसित होंगी और उनकी प्रयोगिक जानकारी बढ़ेगी।
वहीं वैज्ञानिक निशांत मिश्रा ने कहा कि हम छात्रों से बातचीत करके प्रसन्न हैं क्योंकि वे भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं और उन्हें अनुसंधान व नवाचार के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। न्यूक्लियर साइंस का इस्तेमाल स्वास्थय, उर्जा, उद्योग, कृषि, पर्यावरण, और रक्षा जैसे कई जरूरी क्षेत्रों में किया जा रहा है। इसलिए, साइंस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी डोमेन के स्टूडेंट्स को इस फील्ड के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए, और उन्हें नवाचार पर काम करना चाहिए, जिससे वे देश बनाने में योगदान दे सकें।
इस भ्रमण के दौरान, बीएआरसी के प्रतिनिधियों और एमिटी विश्वविद्यालय के साइंस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी डोमेन के डीन और प्रमुख के बीच बातचीत हुई, जिससे एमिटी विश्वविद्यालय और बीएआरसी के बीच विचारों का एक अहम सहयोग का इरादा बढ़ा। इस मौके पर फैकल्टी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की डीन डॉ. सुनीता रतन, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर साइंस एंड टेक्नोलॉजी की निदेशक डॉ. अल्पना गोयल, एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. एमके पांडे और एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नीरज कुमार सहित अन्य मौजूद रहें।