15 साल की दरिंदगी का काला सच: दुष्कर्म और हत्या के तीन मामलों में घिरा मोनू, अब दो और मामलों का फैसला जल्द
Punjab News: चंडीगढ़ के अपराध इतिहास में कुख्यात नाम बन चुके मोनू कुमार को 15 साल पुराने एमबीए छात्रा दुष्कर्म और हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। उसके खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के दो और मामले अदालतों में लंबित हैं, जिन पर जल्द फैसला आने की संभावना है।
मलोया और सेक्टर 54 की वारदातों में भी मोनू मुख्य आरोपी
सीरियल किलिंग के खुलासे से पुलिस भी दंग
जांच में खुलासा हुआ कि मोनू ने 2010 में एमबीए छात्रा, 2022 में मलोया की महिला और 2024 में सेक्टर 54 की बुजुर्ग मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला- तीनों की हत्या लगभग एक ही तरीके से की थी। इसी पैटर्न के कारण उसकी गिरफ्तारी आसान हो गई।
मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला की लूट कर हत्या
28 फरवरी 2024 को सेक्टर 54 स्थित सरकारी स्कूल के पास जंगल में एक महिला का शव मिला। पहचान मोहाली निवासी राम उग्राह ने अपनी पत्नी शनिचरी देवी के रूप में की। मोनू ने पूछताछ में स्वीकारा कि उसने लूट के इरादे से उसकी हत्या की और पायल चुरा ली।
ऑटो चालक की पत्नी की दुष्कर्म के बाद हत्या
जनवरी 2022 में मलोया में ऑटो चालक की पत्नी लापता हुई और अगले दिन उसका शव मिला। कई महीनों तक कोई सुराग नहीं मिला। 2024 में तीसरी हत्या में पकड़े जाने के बाद मोनू ने इस वारदात को भी कबूल कर लिया।
2010 की एमबीए छात्रा की हैवानियत भरी हत्या
सेक्टर 38 में एमबीए छात्रा के दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने शुक्रवार को मोनू को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला 15 साल से लंबित था और गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने यह बड़ा फैसला सुनाया।
