कपिल शर्मा कैफे अटैक: मुख्य साजिशकर्ता लुधियाना से गिरफ्तार, गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गिरोह से जुड़ा
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता; आरोपी बंधु मान सिंह सेखों 'गोल्डी ढिल्लों गिरोह' का सक्रिय सदस्य
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए हास्य कलाकार कपिल शर्मा के कनाडा के सरे स्थित 'कैप्स कैफे' पर हुई गोलीबारी की घटनाओं के कथित मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी अंतर-राज्यीय और सीमा पार संगठित अपराध नेटवर्क पर एक महत्वपूर्ण प्रहार मानी जा रही है।
मुख्य आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
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आरोपी: गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान बंधु मान सिंह सेखों (28) के रूप में हुई है, जो लुधियाना, पंजाब का निवासी है।
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गिरफ्तारी: इंस्पेक्टर मान सिंह, अरविंद और सुंदर गौतम के नेतृत्व वाली क्राइम ब्रांच की टीम ने 24 और 25 नवंबर की मध्यरात्रि को उसे लुधियाना के एक ठिकाने से गिरफ्तार किया।
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हथियार बरामद: एसीपी संजय नागपाल और डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में हुई पूछताछ के दौरान, सेखों ने अपनी कार में छिपाए गए अवैध हथियार की जानकारी दी। पुलिस ने कार से चीन निर्मित पीएक्स-3 मॉडल की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 8 ज़िंदा कारतूस बरामद किए।
कनाडा से भागा था सेखों
पुलिस के अनुसार, सेखों सितंबर 2023 में रोज़गार वीज़ा पर कनाडा गया था, जहाँ वह जल्द ही गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गिरोह के संपर्क में आ गया और उसका एक प्रमुख सदस्य बन गया।
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पिछला रिकॉर्ड: सेखों पहले हैरी चट्ठा गिरोह से भी जुड़ा था और कनाडा में उसके खिलाफ षड्यंत्र रचने और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज थे।
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फरारी: कनाडा पुलिस की कार्रवाई के बाद, जब एक सहयोगी की गिरफ्तारी से उसका नाम प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में सामने आया, तो वह सितंबर 2025 में गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत भाग आया।
कपिल शर्मा के कैफे पर हमले में भूमिका
बंधु मानसिंह सेखों ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में यह स्वीकार किया कि उसने जुलाई 2025 में खुलने के बाद तीन बार निशाना बनाए गए 'कैप्स कैफे' पर हुई गोलीबारी में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
उसकी ज़िम्मेदारियों में हमलों की योजना बनाने में मदद करना, हमलावरों को रसद सहायता उपलब्ध कराना और गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देना शामिल था। इन हमलों की ज़िम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों और कुलवीर सिद्धू ने ली थी।
सीमा पार हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा
इस जांच में पहले मंदीप सिंह और दलविंदर कुमार की गिरफ्तारी हुई थी, जिनके पास से 8 विदेशी पिस्तौलें और 84 ज़िंदा कारतूस बरामद हुए थे। उनसे पूछताछ के बाद पुष्टि हुई कि सेखों को भी हथियारों की खेप में से एक पिस्तौल दी गई थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सेखों अंतर-राज्यीय और सीमा पार हथियार तस्करी नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल था।
पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी विदेश में बैठे गिरोहों को मिल रहे व्यापक समर्थन को उजागर करती है, जिसमें पाकिस्तान स्थित गैंगस्टरों, पाकिस्तानी हथियार डीलरों और आईएसआई तक की संलिप्तता सामने आ रही है।
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