नई दिल्ली। वक्फ संशोधन विधेयक पर गठित जेपीसी के चेयरमैन जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्षी दल कह रहे थे कि यह विधेयक पारित नहीं हो पाएगा। वे कह रहे थे कि अगर सरकार यह विधेयक लेकर आती है तो सरकार गिर जाएगी, लेकिन दोनों सदनों से विधेयक पास होने से स्थिति साफ हो गई। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों से विधेयक पास हो गया है और यह एक ऐतिहासिक दिन है। मुझे लगता है कि विपक्ष की जो तुष्टीकरण की नीति थी, वह आज बेनकाब हो गई है।
पूरे देश का आम गरीब ओबीसी, पसमांदा मुसलमान समुदाय यह समझ गया है कि यह संशोधन हमारे फायदे में है, क्योंकि सरकार ने स्पष्ट तौर पर न केवल कानून बनाया बल्कि जेपीसी के सुपुर्द किया ताकि सभी स्टेकहोल्डर के साथ बात हो सके। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि हमने संविधान के अनुरूप विधेयक पारित किया है, जो निश्चित तौर पर आज के दिन को ऐतिहासिक बनाता है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि काला दिन उनके लिए हो सकता है, जो विरोध कर रहे थे। वक्फ का पास होना देश के मुस्लिमों के लिए तो ईद और बकरीद जैसा पर्व है। उन्होंने कहा कि विपक्ष मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहा है।
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आज इंडी गठबंधन के साथ कौन खड़ा है? नीतीश कुमार अलग हो चुके हैं। चंद्र बाबू नायडू उनका साथ छोड़ चुके हैं। ममता बनर्जी कांग्रेस के खिलाफ हो चुकी हैं, तो आखिर इनके साथ कौन हैं? उन्होंने कहा जिस तरह से दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र में कमल खिला है, इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी कमल खिलेगा। वहीं, कांग्रेस नेता के सुरेश ने विधेयक को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ एकजुट हुआ। हमें लोकसभा और राज्यसभा में अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला।
हम पूरी तरह से एकजुट हैं। उन्होंने बीजद और वाईएसआरसीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल ऐसे हैं, जो अपना पाला बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे इस देश में सभी अल्पसंख्यक समुदायों को खत्म करना चाहते हैं। इसलिए, उन्होंने पहले मुस्लिम से शुरुआत की है, फिर वे ईसाई, सिख, पारसी और अन्य समुदायों पर आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक-एक करके सभी अल्पसंख्यकों के खिलाफ कानून लाएगी।