बुजुर्गों के लिए वरदान हैं ये योगासन, दूर होगा जोड़ों के दर्द और तनाव
नई दिल्ली। समय का चक्र निरंतर चलता रहता है और बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर में कई सारे बदलाव आते हैं। लोगों का मानना है कि बढ़ती उम्र यानी शारीरिक कमजोरी या फिर बीमारियों का घर, हालांकि योग से ये धारणा बदली जा सकती है। कुछ आसनों के रोजाना अभ्यास से हड्डियां मजबूत होती हैं। जोड़ों का दर्द ठीक रहता है।
यह शरीर की मुद्रा को सुधारता है, जिससे ब्लड प्रेशर स्थिर रहता है। कटि चक्रासन: यह तनाव कम करने के साथ एकाग्रता बढ़ाता है। साथ ही याददाश्त को बेहतर बनाता है और नींद की गुणवत्ता सुधारता है। इसके नियमित अभ्यास से बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है और उन्हें भावनात्मक रूप से स्थिर रहने में मदद मिलती है। भ्रामरी- यह प्राणायाम हर उम्र के लोग कर सकते हैं। अक्सर बुजुर्ग अवस्था में नींद कम आती है। इसके नियमित अभ्यास से नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है। याददाश्त बेहतर होती है। साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है। इन आसनों के नियमित अभ्यास से स्वास्थ्य बेहतर रहता है, लेकिन कोई भी नया व्यायाम शुरू करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें, खासकर यदि कोई पुरानी स्वास्थ्य समस्या है।
