इंदौर। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में दो साल पहले रामनवमी के मौके पर बेलेश्वर महादेव मंदिर में बावड़ी धंसने से हुई 36 लोगों की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए ट्रस्ट अध्यक्ष और सचिव को न्यायालय ने रिहा करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह बैस ने बताया है कि दो साल पहले बेलेश्वर महादेव मंदिर में बावड़ी के मामले में न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाहा की अदालत ने गुरुवार को ट्रस्ट अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरलीधर सबनानी को रिहा करने का आदेश दिया है। इस मामले में न्यायालय ने नगर निगम पर टिप्पणी भी की है। अधिवक्ता ने बताया है कि दो साल पहले 30 मार्च 2023 को रामनवमी के दिन पटेल नगर स्थित बेलेश्वर महादेव मंदिर में हवन का आयोजन किया गया था। उस दौरान हवन करते समय बावड़ी धंस गई थी, जिसमें कई लोग समा गए थे। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हुई थी और 18 अन्य घायल हुए थे।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए महू से आर्मी की मदद भी ली गई थी। पुलिस ने बेलेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरलीधर सबनानी को दोषी मानते हुए आरोपी बनाया था। पुलिस का मानना था कि उनकी लापरवाही के कारण हादसा हुआ है। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए थे। घटना के साल भर बाद अध्यक्ष और सचिव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में गुरुवार को न्यायालय का आदेश आया है। अध्यक्ष शिवाराम गलानी के अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह बैस ने बताया कि पुलिस द्वारा विवेचना की गई थी और दो आरोपी इस पूरे घटनाक्रम में बनाए गए थे। इस पूरे मामले में 33 गवाह कोर्ट में पेश हुए थे। सबके कथन सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों को रिहा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, अदालत ने पुलिस की जांच पर कहा कि पुलिस ने लापरवाही की है और ठीक से जांच नहीं की है। बैस ने बताया कि अदालत ने भी माना है कि नगर निगम को भी यह पता नहीं था कि वह बावड़ी है, जबकि निगम कार्यालय वहीं पर मौजूद था। इसके साथ ही नगर निगम की भी इस पूरे मामले में लापरवाही है।