मुजफ्फरनगर। वक्फ़ संशोधन बिल बुधवार देर रात लोकसभा में पास हो गया। जिसके बाद विपक्ष ने इसका जमकर विरोध किया तो वहीं कुछ मुस्लिम मौलानाओं द्वारा इसका समर्थन भी किया जा रहा है।
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जमीयत ए उलेमा के जिला सचिव और शाह इस्लामिक लाइब्रेरी के संस्थापक मौलाना कारी मोहम्मद खालिद बसीर कासमी ने एक प्रेस वार्ता कर वक्फ़ संशोधन बिल का समर्थन करते हुए कहा कि रात हमने सरकार और विपक्ष दोनों का पक्ष सुना है। जिसके चलते हम कहना चाहते हैं कि वक्फ़ संशोधन बिल सरकार वक्फ़ के हित और गरीबों के हित में लाई है हम उसका समर्थन करते हैं।
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साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ चीजों पर मुस्लिम धर्म गुरुओं को आपत्ति है उस पर हम सरकार से यह अनुरोध करेंगी की वह वार्ता का दरवाजा बंद ना करें बल्कि मुस्लिम सामाजिक या धर्मगुरु या मुस्लिम बुद्धि जीवी वक्फ़ के हित में जो कुछ भी प्रस्ताव आपको देना चाहते हैं। उन प्रस्ताव को स्वीकार करें और बिल का हिस्सा बनाएं।
प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान मौलाना कारी मोहम्मद खालिद बशीर कासमी ने वक्फ संपत्तियों की लूट पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पिछले 75 वर्षों में जिन लोगों ने वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग किया है और गरीबों को उनके हक से वंचित रखा है, उनके खिलाफ सरकार को एक आयोग बनाकर जांच करानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मौलाना कारी मोहम्मद खालिद बशीर कासमी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने यह बिल संसद में पेश किया, जिस पर लंबी बहस चली और आखिरकार रात 1:56 बजे इसे पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार और विपक्ष, दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इस पर उनका मानना है कि वक्फ संशोधन विधेयक में जो भी प्रावधान वक्फ और गरीबों के हित में हैं, उनका वे समर्थन करते हैं। हालांकि, बिल में कुछ ऐसे प्रावधान भी हैं जिन पर मुस्लिम धर्मगुरुओं को आपत्ति है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह वार्ता के दरवाजे बंद न करे और मुस्लिम समाज, धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों द्वारा दिए गए सुझावों को सुनकर उचित संशोधन करे, ताकि यह विधेयक वक्फ और गरीबों के हित में और भी प्रभावी हो सके।
मौलाना ने आगे कहा कि मुल्क संविधान और लोकतंत्र के आधार पर चलता है, और यह अच्छी बात है कि विधेयक पर खुलकर बहस हुई, जिससे सभी को अपनी बात रखने का अवसर मिला। लेकिन अभी भी यह जरूरी है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, राजनीति से ऊपर उठकर, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और गरीबों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में बड़ी संख्या में वक्फ संपत्तियां मौजूद हैं। इनका लाभ गरीबों तक पहुंचना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश कई जगहों पर पूंजीपतियों द्वारा इनका अनुचित लाभ उठाया जा रहा है। सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग सही उद्देश्य के लिए किया जाए।
मौलाना खालिद बशीर कासमी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और उनके सही उपयोग के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। यदि कहीं भी 1 इंच भी वक्फ संपत्ति है, तो उसका सीधा लाभ गरीबों तक पहुंचना चाहिए। अगर कोई पूंजीपति इन संपत्तियों से अनुचित लाभ उठा रहा है, तो सरकार को इस पर कड़ा संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक में जो प्रावधान वक्फ और गरीबों के हित में हैं, उनका समर्थन किया जाना चाहिए। वहीं, जिन बिंदुओं पर संविधानिक आपत्तियां हैं, उन पर सरकार को मुस्लिम धर्मगुरुओं से वार्ता कर उचित समाधान निकालना चाहिए।