मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून हाइवे पर चाय और दो पराठों के 460 रुपये, डीएम से शिकायत
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून हाइवे पर रोडवेज बस यात्री आशु अलवी के साथ चाय और दो पराठों के 460 रुपये वसूलने का मामला विवाद का विषय बन गया है। आशु अलवी, जो नई मंडी के रथेडी निवासी हैं, दिल्ली से सहारनपुर डिपो की रोडवेज बस से मुजफ्फरनगर आ रहे थे। बस चालक ने खतौली बाईपास के एक ढाबे पर बस रोक दी, जहां आशु और अन्य यात्री नाश्ता करने उतरे।
इस मामले के विरोध में संयुक्त विकास शोषित कल्याण संघ के लोग आशु अलवी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी कीमत फाइव स्टार होटल में भी नहीं होती और हाईवे पर बसों के रुकने वाले ढाबों पर यात्रियों से मनमानी वसूली की जाती है। संघ ने डीएम से मांग की कि संबंधित ढाबा मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
ढाबा मालिक शारिक ने इस मामले को अपने खिलाफ साजिश बताया और कहा कि एक पराठा 40 रुपये का है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ षडयंत्र रचा गया है ताकि उनके ढाबे की छवि खराब हो सके।
इस मामले ने हाइवे पर बढ़ती मनमानी वसूली की चिंता को फिर से उजागर कर दिया है। प्रशासन मामले की गहनता से जांच करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर मौजूद सभी ढाबों और होटलों पर स्पष्ट रेट लिस्ट होना आवश्यक है ताकि यात्रियों के साथ मनमानी वसूली जैसी घटनाओं से मुजफ्फरनगर की छवि धूमिल न हो।
