मुजफ्फरनगर में तेंदुए का आतंक, खेतों में लगाए गए तीन पिंजरे—किसानों में दहशत
मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में पिछले एक हफ्ते से तेंदुए का आतंक कायम है। चरथावल थाना क्षेत्र के रोहनी और हरजीपुर गांव सहित कई इलाकों में इस तेंदुए के दिखने की लगातार खबरें आ रही हैं। खेतों में काम करने के लिए किसान अब ग्रुप बनाकर लाठी-डंडे के साथ जा रहे हैं।
गांव के किसानों का कहना है कि तेंदुए के डर से खेतों में अकेले काम करना मुश्किल हो गया है। रोहनी गांव के किसान रामा के मुताबिक वे खेत में छोल रहा थे तभी तेंदुआ अचानक एक ओर से दूसरी ओर भागता दिखाई दिया। कुछ देर बाद वह उनकी तरफ बढ़ने लगा, जिसके बाद किसान तुरंत खेत छोड़कर बग्गी पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि मजदूरों के साथ थे, पर डर इतना था कि काम वहीं रोकना पड़ा।
वन विभाग के अधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि 23 नवंबर को तेंदुए की पहली सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची थी। कॉम्बिंग के दौरान खेतों में पंजों के स्पष्ट निशान मिले, जिससे तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसी के बाद तीन पिंजरे लगाए गए हैं।
राजीव कुमार के अनुसार—
टीमें दिन-रात इलाके की निगरानी कर रही हैं। पिंजरे में चारा बांधा जा रहा है और हर सुबह उसकी जांच की जाती है। अभी सफलता नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद है कि तेंदुआ जल्द रेस्क्यू कर लिया जाएगा। पंजों के निशान देखकर यह तय नहीं हो पा रहा कि तेंदुआ नर है या मादा, लेकिन निशानों से लग रहा है कि एक ही तेंदुआ इलाके में घूम रहा है।
फिलहाल वन विभाग की टीमें वहीं तैनात हैं और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। जैसे ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा, विभाग इसकी आधिकारिक जानकारी देगा।
