साबरमती रिवरफ्रंट से लेकर स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तक: 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में गिफ्ट सिटी का कमाल
CWG 2030: गांधीनगर में बन रहे गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक (GIFT) सिटी को 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी में मुख्य भूमिका निभाने की उम्मीद है। ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी के तौर पर तैयार इस शहर में विदेशी खिलाड़ी, पर्यटक और कारोबारी सभी आकर्षित होंगे। माना जा रहा है कि यहां मैराथन, वॉलीबॉल समेत कई खेल स्पर्धाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
रिवरफ्रंट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम की खासियत
इस प्रणाली से शहर में रहने वालों को बिना किसी व्यवधान के सेवाएं मिलती हैं। बिजली, पानी, कूलिंग, परिवहन और कचरा प्रबंधन टीमों को किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। यह हाईटेक सिस्टम शहर को विश्वस्तरीय स्मार्ट सिटी बनाता है।
गिफ्ट सिटी का विकास और इतिहास
गिफ्ट सिटी का निर्माण 2011 में शुरू हुआ। जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, इसे भारत की पहली स्मार्ट सिटी घोषित किया गया। 2015 में इसे मल्टी-सर्विस स्पेशल इकनामिक जोन बनाया गया और 2017 में इंडिया आईएनएक्स का उद्घाटन किया गया। 2022 में भारत का पहला इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज भी इसी सिटी में शुरू हुआ।
फाइनेंस टेक-सिटी का सपना साकार हुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2007 में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी का विजन दिया था। अब यह केंद्र विदेशी और घरेलू निवेश आकर्षित कर रहा है। यहां वॉक टू वर्क कल्चर, स्मार्ट शहर सुविधाएं और वैश्विक निवेशक आकर्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
देश का पहला डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम
गिफ्ट सिटी में साढ़े पांच किमी की यूटिलिटी टनल में देश का पहला डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम बनाया गया। ठंडा पानी पाइप के माध्यम से शहर भर के भवनों तक पहुँचता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और रख-रखाव की लागत कम होती है। टनल में बिजली केबल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, स्वचालित कचरा संग्रहण पाइपलाइन और मल्टी-यूटिलिटी जल पाइप भी लगाए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा व्यापार में छूट और निवेश
आईएफएसीए के चेयरमैन राजा रमन के अनुसार, यहां 15 देशों की मुद्राओं में व्यापार की छूट है। भारत सरकार से अन्य देशों की मुद्राओं में व्यापार की अनुमति के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। गिफ्ट सिटी में 1034 से अधिक पंजीकृत कंपनियां और 38 बैंक मौजूद हैं, जिनकी कुल संपत्ति 100.14 बिलियन डॉलर है।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
गिफ्ट सिटी में अब तक 25,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी से रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। वैश्विक पूंजी और क्षमता केंद्र बनने के कारण यहां बैंकिंग, फिनटेक, फंड मैनेजमेंट और वैश्विक कंपनियों के लिए अनेक अवसर पैदा होंगे।
