Saturday, April 5, 2025

देवबंद में नीलामी में खरीदी राइस मिल का बोलीदाता को नहीं मिला कब्जा, पीड़ित परिवार को एसीजेएम अदालत से 36 वर्ष बाद मिला न्याय

देवबंद (सहारनपुर)। एसीजेएम अदालत ने राइस मिल नीलामी के 36 वर्ष पुराने मामले में पीड़ित को न्याय देते हुए जिला अधिकारी व सेल टेक्स अधिकारी को पीड़ित को 90 हजार रूपये व 36 वर्ष का ब्याज एक माह में अदा करने के आदेश दिए है।

मुज़फ्फरनगर में छात्र की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार दो बदमाशों ने दिया घटना को अंजाम

सन् 1988 में सरकार द्वारा मार्डन राइस मिल नानौता की खुली बोली लगाकर नीलामी की गई थी, जिसमें रशीद खां पुत्र अब्दुल रहीम खां निवासी मौहल्ला अफगान नानौता ने 48 हजार रूपये बोली लगाकर मिल को खरीद लिया था। लेकिन सालों बीतने के बाद भी प्रशासन ने रशीद खां को मिल पर कब्जा नहीं दिलाया।

किसानों ने एक सप्ताह के लिए टाला दिल्ली कूच, 7 दिन तक दलित प्रेरणा स्थल को बनाया अपना ठिकाना

इस दौरान रशीद खां की भी मृत्यु हो गई। सन् 2008 में रशीद खां की विधवा पत्नी वसीला व 11 बच्चों ने जिला अधिकारी सहारनपुर व सेल टैक्स अधिकारी देवबंद को प्रतिवादी बनाकर सिविल कोर्ट देवबंद में वाद दायर किया था। जिसकी सुनवाई एसीजेएम अदालत में चल रही थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एसीजेएम परविंदर सिंह की अदालत ने कब्जा न दिलाने का कारण जिला प्रशासन की खामी माना।

मुज़फ्फरनगर में खाप चौधरी से की थी अभद्रता, कोतवाल के तबादले को लेकर होना था धरना, अफसरों ने ग्रामीणों को किया शांत

एसीजेएम ने जिलाधिकारी सहारनपुर व सेल टैक्स अधिकारी देवबंद को आगामी एक माह में वसीला खां व उनके बच्चों को 90 हजार की राशि व उस पर 10 प्रतिशत वार्षिक की दर से 36 वर्षो का ब्याज अदा करने का आदेश दिया है। एक माह में धनराशि का भुगतान न होने पर 6 प्रतिशत वार्षिक की दर से रकम पर ब्याज अदा करना पड़ेगा। सरकार को पैसे देने के बाद भी कब्जा न मिलने के कारण न्याय के लिए भटक रही वसीला खां व उनके बच्चों ने राहत की सांस ली है।

- Advertisement -

Royal Bulletin के साथ जुड़ने के लिए अभी Like, Follow और Subscribe करें |

 

Related Articles

STAY CONNECTED

75,563FansLike
5,519FollowersFollow
148,141SubscribersSubscribe

ताज़ा समाचार

सर्वाधिक लोकप्रिय