रामपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में सपा नेता आज़म खान साक्ष्य के अभाव में बरी
Azam Khan: रामपुर में शुक्रवार दोपहर एमपी-एमएलए कोर्ट ने सपा नेता आज़म खान को आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अमर सिंह और उनके परिवार पर कथित तौर पर अपमानजनक बयान देने के आरोप में लंबे समय से चल रहे इस मामले की सुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कोर्ट परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि अंतिम क्षणों में आज़म खान खुद अदालत नहीं पहुंचे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने पुष्टि की कि आज़म खान को सबूत न मिलने पर बरी किया गया है।
2018 में दर्ज हुआ था विवादित बयान का केस
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था मुकदमा
अमर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आज़म खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A, 153B, 295A, 500 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। ये धाराएं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक भावनाएं भड़काने, मानहानि और धमकी जैसे गंभीर आरोपों से संबंधित हैं। मामला रामपुर से जुड़ा होने के कारण इसे बाद में अजीमनगर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया था, जहां पुलिस ने विस्तृत विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
लंबी सुनवाई के बाद आया अंतिम फैसला
एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कई महीनों से चल रही थी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने आज़म खान को सभी आरोपों से बरी कर दिया। फैसले को लेकर समर्थकों के बीच संतोष दिखा, जबकि कोर्ट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था शाम तक जारी रही।
