प्रयागराज। पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति के पावन स्नान के बाद प्रयागराज की कुंभनगरी बुधवार को एक और ऐतिहासिक घटना की साक्षी बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का मंत्रिमंडल संगम तट पर एकत्रित होगा। मुख्यमंत्री और उनके सभी 54 मंत्री सामूहिक गंगा स्नान करेंगे और उसके बाद एक विशेष कैबिनेट बैठक का आयोजन होगा।
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यह दूसरा अवसर है जब योगी सरकार का मंत्रिमंडल संगम तट पर बैठक कर रहा है। इससे पहले, 2019 के महाकुंभ के दौरान भी योगी सरकार ने यहां अपनी कैबिनेट बैठक आयोजित की थी।
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यह महत्वपूर्ण बैठक अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में दोपहर 12 बजे शुरू होगी। संगम में स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस स्थान का चयन किया गया है। पहले इसे मेला प्राधिकरण के सभागार में आयोजित करने की योजना थी, लेकिन श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए स्थान में बदलाव किया गया।
बैठक के बाद, सभी मंत्री अरैल वीआईपी घाट से मोटर बोट के जरिए संगम पहुंचेंगे। यहां वे गंगा स्नान करेंगे और विधिवत पूजन-अर्चन करेंगे। इस आयोजन में प्रयागराज और आसपास के जिलों के सांसदों और विधायकों की भी उपस्थिति रहेगी।
संगम तट पर आयोजित इस कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी दी जाएगी। इन प्रस्तावों से प्रदेश के विकास और जनता की भलाई से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की उम्मीद है।
योगी सरकार का यह आयोजन न केवल प्रशासनिक बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। संगम तट पर गंगा स्नान और पूजन-अर्चन के जरिए सरकार भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व को रेखांकित कर रही है।
संगम तट पर इस तरह की ऐतिहासिक बैठक न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देती है, बल्कि सरकार और जनता के बीच एक गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव भी स्थापित करती है।