गाजियाबाद। नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिकारियों की लापरवाही को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाला गाजियाबाद एक बार फिर विवादों में है। इस बार मसला एक मौजूदा महिला पार्षद से जुड़ा है, जिन्होंने प्रशासनिक भेदभाव और उपेक्षा से आहत होकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को अपने खून से शिकायती पत्र लिखा।
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मामला शुक्रवार को आयोजित महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ कार्यक्रम से जुड़ा है, जो घंटाघर रामलीला मैदान में प्रस्तावित था। पार्षद रुकसाना सैफी नगर निगम में हो रहे कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ अपनी शिकायत सीधे उप मुख्यमंत्री को देना चाहती थीं।
पार्षद रुकसाना सैफी का आरोप है कि जैसे ही प्रशासन को उनके इरादों की भनक लगी, अधिकारियों ने उन्हें नजरबंद कर लिया ताकि वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर अपनी बात उप मुख्यमंत्री तक न रख सकें। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें खून से पत्र लिखने जैसा कदम उठाना पड़ा।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम में कुछ अधिकारी जानबूझकर उनके वार्ड की अनदेखी कर रहे हैं और विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।