मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से चलकर नई दिल्ली को जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस के इंजन के पहिये अचानक जाम हो गये। यह हादसा नागल रेलवे स्टेशन के पास हुआ। इस दौरान करीब 50 मीटर तक रेलवे ट्रैक के क्लिप भी उखड गये, जिससे ट्रेन पटरी से उतरने से बाल-बाल बची। तेज आवाज होने के कारण यात्रियों में चीख पुकार मच गई, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ से बडा हादसा होने से टल गया।
ट्रेन को सुचारू रूप से चलाने में करीब तीन घंटे का समय लगा, जिससे देहरादून से चलकर आनंद विहार को जाने वाली बंदे भारत समेत आधा दर्जन ट्रेनें बुरी तरह से प्रभावित रही और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पडा।
प्रात: लगभग आठ बजे के करीब देहरादून से चलकर नई दिल्ली को जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस जैसे ही नागल रेलवे स्टेशन के समीप पहुंची तो ट्रेन के इंजन के पहिये अचानक जाम हो गये, जिससे तेज आवाज के साथ तकरीबन 50 मीटर
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तक रेलवे ट्रैक के क्लिप भी उखड़ गए। तेज आवाज के साथ ट्रेन द्वारा झटके लेने पर ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और अनेक यात्री चिल्लाने लगे। ट्रेन को इस स्थिति में देख लोको पायलट ने बगैर किसी घबराहट के सूझबूझ से काम लिया और ट्रेन के किसी भी पहिए को ट्रैक से नीचे उतरने से बचा लिया, जिससे रेलगाड़ी पलटने से बच गई है।
हादसा होने के बाद दिल्ली-देहरादून-अम्बाला रेल मार्ग पर रेल गाडिय़ों का संचालन प्रभावित हो गया, जिस कारण आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें बुरी तरह से प्रभावित हुई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के इंजीनियर कर्मचारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और करीब तीन घंटे की कडी मशक्कत के बाद जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन के पहिए में आई खराबी को दूर किया गया, जिसके बाद ट्रेन को उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
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जनशताब्दी ट्रेन में गडबडी के कारण देहरादून से आनन्द विहार को जाने वाली बंदे भारत दो घंटे, अम्बाला से चलकर नई दिल्ली को जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस साढे तीन घंटे, जालंधर से नई दिल्ली जाने वाली सुपर एक्सप्रेस ढाई घंटे, देहरादून से चलकर उज्जैन जाने वाली उज्जैनी एक्सप्रेस सवा दो घंटे, हरिद्वार से चलकर नई दिल्ली को जाने वाली हरिद्वार-नई दिल्ली एक्सप्रेस एक घंटे और कालका से चलकर दिल्ली को जाने वाली कालका एक्सप्रेस पैंतालिस मिनट की देरी से चली। आधा-दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पडा।