Sunday, April 6, 2025

मुज़फ्फरनगर में वक्फ बिल के विरोध में बांधी थी काली पट्टी, अफसरों ने भेज दिया 2 लाख के मुचलके का नोटिस, 16 अप्रैल को होगी पेशी

मुजफ्फरनगर। वक्फ संशोधन बिल के विरोध में जुम्मे और ईद की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने सैकड़ों लोगों को नोटिस जारी कर शांति भंग करने का आरोप लगाया है। नोटिस में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने आम जनता को उकसाकर शांति
व्यवस्था को खतरे में डाला है। प्रशासन ने उन्हें 16 अप्रैल, 2025 को कोर्ट में पेश होने और दो लाख रूपये का मुचलका पाबंद करने के निर्देश दिये हैं।
नोटिस मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों में हडकम्प मचा हुआ है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई हिंसा या उकसावे की कोशिश नहीं की। फखरूद्दीन ने बताया कि हमने मस्जिद के अन्दर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर शांतिपूर्वक काली पट्टी बांधी थी। बाहर कोई प्रदर्शन नहीं किया।
मदरसा महमूदिया के प्रधानाचार्य नईम त्यागी ने बताया कि उनके पास भी नोटिस आया है, जबकि उन्होंने काली पट्टी बांधी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मुझे वारंट जारी कर दिया है और कहा कि 16 तारीख को पेश होना है।

नोटिस मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई हिंसा या उकसावे की कोशिश नहीं की। हमारे मदरसे में 4-5 हजार लोग नमाज पढ़ते हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि किसने काली पट्टी बांधी। हमारा काम बच्चों को तालीम देना है, वक्फ बिल से हमारा कोई लेना-देना नहीं।“

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मोहम्मद शब्बीर ने भी कहा कि हमें व्हाट्सएप पर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मैसेज मिला था कि काली पट्टी बांधकर विरोध जताएं। हमने खामोशी से ऐसा किया, फिर भी नोटिस मिला।“ उनका आरोप है कि ये कार्रवाई उनकी अभिव्यक्ति को दबाने की कोशिश है।

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आपको बता दे कि पिछले हफ्ते से मुजफ्फरनगर में मुस्लिम समुदाय ने मस्जिदों और मदरसों में काली पट्टी बांधकर वक्फ बिल का विरोध किया था। प्रशासन का मानना है कि ये शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है, जबकि प्रदर्शनकारी इसे अपना अधिकार बताते हैं।प्रशासन ने इन्हें 16 अप्रैल 2025 को कोर्ट में पेश होने और दो लाख रुपये का मुचलका पाबंद करने निर्देश दिया है जिससे मुस्लिम समाज में हड़कंप मचा हुआ है।

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