मुजफ्फरनगर। संयुक्त वैश्य मोर्चा से युद्धवीर सिंह ने माफी मांग ली है और जाट समाज के सम्मानित लोगों ने भी खेद व्यक्त किया है, जिससे पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया है।
उल्लेखनीय है कि विगत 30 मार्च को सिसौली में जाट समाज का एक महासम्मेलन हुआ था, जिसमें मीडिया को इंटरव्यू देते समय जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने बनिया-वैश्य समाज के बारे में चोर एवं लुटेरा कहा था, जिस पर पूरे देश में युद्धवीर सिंह के विरूद्ध पूरा वैश्य समाज मुखुर हो गया,जगह-जगह युद्धवीर सिंह के विरूद्ध वैश्य समाज के लोगो ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कानूनी कार्यवाही करने का ज्ञापन दिया, जाट समाज के कुछ प्रबुद्ध लोग वैश्य समाज के पक्ष में खड़े हो गये, जिसमें नरेश टिकैत, राकेश टिकैत व सिसौली की महापंचायत कराने वाले धर्मवीर बालियान प्रमुख है।
संयुक्त वैश्य मोर्चा के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल एवं शलभ गुप्ता एडवोकेट एवं सुनील तायल संयोजक संयुक्त वैश्य मोर्चा की उपस्थिति में सत्यप्रकाश रेशू से युद्धवीर सिंह, नरेश टिकैत एवं धर्मवीर बालियान की वार्ता हुई जिसमें उनके द्वारा अशोभनीय टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया गया। युद्धवीर सिंह ने बनियो को लुटेरा एवं चोर कहने के बयान पर माफी मांगते हुए अपनी मंशा को स्पष्ट किया कि मेरा उददे्श्य बनिया-वैश्य समाज के विरूद्ध नही था, गलती से बनिया शब्द निकल गया, जिसके लिए मै क्षमा मांगता हूँ।
युद्धवीर सिंह ने ये भी कहा कि बनिया-वैश्य समाज पूरे देश के समृद्ध निर्माण की मजबूत धुरी है। सत्यप्रकाश रेशू ने इस संबंध में नरेश टिकैत व सिसौली महापंचायत के संयोजक धर्मवीर बालियान से भी वार्ता की, जिस पर नरेश टिकैत ने बताया कि मैने एवं राकेश टिकैत ने युद्धवीर सिंह को कहा कि बनिया समाज लुटेरा नहीं, देश एवं समाज की धुरी है, जिसके लिए हम भी युद्धवीर सिंह की तरफ से खेद प्रकट करते है। यही बात धर्मवीर बालियान ने भी संयुक्त वैश्य मोर्चा के पदाधिकारियो से कही। इसी संदर्भ में संयुक्त हिन्दु मोर्चा संयोजक मनोज सैनी व ब्राह्मण समाज द्वारा भी अपना समर्थन वैश्य समाज को दिया गया व अशोभनीय टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया।
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संयुक्त वैश्य मोर्चा के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल, संयोजकगण शलभ गुप्ता एडवोकेट, सत्यप्रकाश रेशू, सुनील तायल, सुरेन्द्र अग्रवाल, राजेन्द्र प्रसाद गर्ग, कांति राठी, राजीव मोहन, विजय कर्णवाल, रोहताश कर्णवाल एडवोकेट, अमित गुप्ता, पवन सिंघल, तरूण मित्तल, दीपक मित्तल सर्राफ, अभिमन्यु मित्तल सर्राफ, मनीष गुप्ता, पंकज राजवंशी, जर्नाधन स्वरूप, रचित गोयल, राहुल उपस्थित रहे। अनेको समाज के लोग वैश्य समाज को अपना समर्थन देने के लिए खड़े हो गये, परन्तु युद्धवीर सिंह के माफी मांगने व जाट समाज के प्रबुद्ध लोगों द्वारा खेद व्यक्त करने के कारण संयुक्त वैश्य मोर्चा ने इस प्रकरण को मीडिया के समक्ष समाप्त करने की घोषण की। साथ ही पूरे देश के संयुक्त वैश्य मोर्चा को भी आन्दोलन समाप्त करने के लिए कहा।