नयी दिल्ली- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदेश सरकार के सभी विभागों को जन शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक उत्तरदायी और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है और कहा है कि जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे, उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा, लेकिन जो अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में ए टू जेड कॉलोनी में नवदंपति का फैसला बिगड़ा, तलाक का हुआ फैसला
श्रीमती गुप्ता ने शुक्रवार को जन कल्याणकारी योजनाओं, बजटीय आवंटन, बुनियादी ढांचे के विकास और शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और जल आपूर्ति जैसे मुद्दे पर शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में दिल्ली सरकार के सभी विभागों के प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान श्रीमती गुप्ता ने सभी विभागों को अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने एक व्यवस्थित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देते हुए अधिकारियों को कार्य चार्ट तैयार करने और मुख्य सचिव को नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा उन्होंने सभी विभागों को जन शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे, उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा, लेकिन जो अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी प्रशासनिक प्रणाली को सुदृढ़ करना था।
जाट महासभा के महासचिव युद्धवीर सिंह ने मांगी माफी, वैश्य समाज हुआ संतुष्ट, मामले का हुआ पटाक्षेप
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बेहतर सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी और कहा,“केवल योजनाओं की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है – प्रभावी कार्यान्वयन और जनता को लाभ पहुंचाना भी उतना ही आवश्यक है।”
यहां आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, दवा की उपलब्धता, जल समस्या, जलभराव, प्रदूषण, बुनियादी ढांचे के विकास, शासन और शिकायत निवारण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने सभी विभागों को अगले 100 दिन, छह महीने और 09 महीने के लिए अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया। इन योजनाओं को विस्तृत कार्य चार्ट में संरचित किया जाना चाहिए, जिसमें समीक्षा के लिए मुख्य सचिव को लगातार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया वास्तविक समय की निगरानी और त्वरित निर्णय लेने को सुनिश्चित करेगी।
विज्ञप्ति में बताया गया कि श्रीमती गुप्ता ने इस बात पर भी जोर दिया कि जन शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक प्रभावी और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। विभागों को महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, जिसमें जल आपूर्ति की कमी, जल निकासी और जलभराव, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अस्पतालों में नैदानिक उपकरणों या दवाओं की कोई कमी न हो। भ्रष्टाचार पर सरकार शून्य सहिष्णुता की नीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता या ईमानदारी पर किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “काम की गुणवत्ता और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हमारी सरकार नागरिकों को बेहतर सेवाएं, पारदर्शी शासन और समय पर विकास कार्य प्रदान करने के लिए समर्पित है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने हर वादे को पूरा करें। अगर सभी विभाग मिलकर काम करें तो दिल्ली को एक आदर्श शहर में बदला जा सकता है।”