शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में एक सप्ताह पूर्व मिला गोली लगे शव की शिनाख्त हरियाणा के सोनीपत होटल व्यापारी के रूप में हुई है। युवक दिल्ली में होटल का व्यवसाय करते है, उसका 26 मार्च की रात को मृतक व्यापारी के गांव के ही दूसरे होटल व्यापारी ने अपने भाईयों व साथियों के मिलकर घटना को अंजाम दिया और हत्या कर शव शामली में दिल्ली हाइवे पर डाल दिया और उस पर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया था। मृतक के परिजनों शामली पहुँचकर सागर चौहान की पहचान की।
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यह वारदात जनपद शामली के थाना क्षेत्र के कस्बा एलम के दिल्ली हाइवे की है। यहां पर 27 मार्च की सुबह जयबीर सिंह नाम के किसान के गन्ने के खेत में एक अज्ञात युवक का गोली लगा शव मिला था, शव की पहचान मिटाने के लिए उस पर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया था। युवक की शिनाख्त हरियाणा राज्य के सोनीपत के गांव राई निवासी 28 वर्षीय होटल कारोबारी सागर पुत्र धर्मपाल के रूप में हुई है। मृतक सागर के भाईयों अभिषेक ने बताया कि वह तीनों भाई होटल कारोबारी देवेन्द्र चौहान व उसके भाई अमित चौहान व मोहित चौहान के यहां पर होटल में नौकरी करते थें। जहां पर तीनों भाईयों ने उनके पास 2020 से नवम्बर 2024 तक नौकरी की थी। किन्तु होटल मालिक के व्यवहार के कारण उन्होंने नवम्बर में उनके यहां से कार्य छोडने का फैसला किया तो देवेन्द्र चौहान ने अपने भाईयों व साथियों अमित, अंकित, साहिल निवासीगण जजल सोनीपत के साथ मिलकर उन्हें बंधक बनाते हुए उनके साथ अभद्रता की थी, तथा नौकरी छोडकर खुद होटल का व्यवसाय करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
जिसके बाद समाज व गांव के गणमान्य लोगों के द्वारा दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामले में समझौता करा दिया था तथा सागर व उसके दोनों भाई ने देवेन्द्र चौहान के यहां से नौकरी छोड दी थी तथा जनवरी 2025 से उन्होंने दिल्ली में एक होटल को किराएं पर लेकर चलाना शुरू कर दिया तथा बाद में तीनों भाईयों ने अपनी मेहनत से तीन और होटल किराएं पर लेकर चलाने शुरू कर दिए थे। जिसके बाद से देवेन्द्र अपने भाईयों व साथियों के साथ मिलकर उन्हें बार – बार परेशान कर रहे थे तथा होटल व्यवसाय को बंद ना करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे थे। आरोप है कि 26 मार्च की रात्रि लगभग 11ः30 बजे सागर सुंदर विहार दिल्ली स्थित होटल पर जाने के लिए अपने कमरे से निकला था। आरोप है कि मृतक सागर के कपड़े किसी दूसरे युवक ने पहने और कैमरे के सामने उसी की बाइक को लेकर चला गया, जबकि सागर होटल के अंदर ही था जिसकी हत्या की गई। किन्तु वह होटल पर नही पहुंचा। जिसके बाद उन्होंने उसकी खोजबीन की तथा तिलक विहार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
जिसके बाद उनके द्वारा देवेन्द्र चौहान के होटल के बराबर में लगे सीसीटीवी कैमरों में देखा तो उसकी सीसीटीवी फुटेज में देवेन्द्र चौहान अपने साथियों के साथ उनके भाई सागर को रोक कर अपने साथ जबरदस्ती अपने होटल में ले जाते हुए दिख रहे थे। जिसके बाद पुलिस को सारे फुटेज देने के बाद 30 मार्च को उसके भाई के अपरहण का मुकदमा तिलक नगर थाने दिल्ली में दर्ज हुआ था। मृतक सागर के परिजनों ने बुधवार की रात कांधला थाने में पहुंचकर अपने भाई की शिनाख्त करते हुए पुलिस को गुमशुदगी व अपहरण के मामले में दर्ज अभियोग की कॉपी उपलब्ध कराई। पुलिस ने पीडित परिजनों को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।