मुजफ्फरनगर। प्रदेश में संचालित 102 एम्बुलेंस में रात में करीब 02:55 बजे पर एक बार फिर नवजात की किलकारी से गूंज उठी। सदर क्षेत्र के गांव जड़ौदा निवासी रुकैया (25) पति शादिल, को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने आशा द्वारा 102 एम्बुलेंस बुलाई थी। एम्बुलेंस उन्हें लेकर अस्पताल जा रही थी लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई। जिसके बाद एम्बुलेंस कर्मचारी ईएमटी जितेन्द्र सिंह ने अपने पायलट से एंबुलेस को रोड के किनारे लगाने को कहा।
ईएमटी जितेन्द्र सिंह ने अपनी सूझबूझ से महिला का एम्बुलेंस में ही डिलीवरी किट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया गया। परिजनों ने सुरक्षित प्रसव कराने के लिए सरकारी एम्बुलेंस सेवा और एम्बुलेंस कर्मचारियों की सराहना की।
102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर राजेश रंजन ने बताया कि जिले में इससे पहले भी कई बार एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराए जा चुके हैं।
इस सराहनीय कार्य के लिए संस्था की ओर से कर्मचारी को सम्मानित भी किया जाता है। हम लोग सेवा को और बेहतर बनाने के लिए दिन रात तत्पर हैं, इसके लिए समय-समय पर ईएमटी की ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाती है।