पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के सात विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा विजय कुमार सिन्हा और विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव भी उपस्थित रहे।
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मंत्री पद की शपथ लेने वालों में दरभंगा के विधायक संजय सरावगी, जाले के जिवेश मिश्रा, साहेबगंज के राजू कुमार सिंह, सिकटी के विजय कुमार मंडल, बिहारशरीफ के सुनील कुमार, रीगा के मोतीलाल प्रसाद और अमनौर के कृष्ण कुमार मंटू शामिल हैं। मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने इस्तीफा देने को लेकर कहा कि पार्टी में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का फॉर्मूला है, इसलिए इस्तीफा दे रहा हूं। उनका इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया। इससे पहले बिहार मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत 30 मंत्री थे।
भाजपा के 16 मंत्री थे, जिनमें दो उपमुख्यमंत्री शामिल हैं। इनमें से एक मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस्तीफा दे दिया। जदयू से 13 मंत्री हैं, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं। एक मंत्री हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और एक निर्दलीय विधायक भी मंत्री हैं। भाजपा के सात विधायकों के मंत्री बन जाने के बाद भाजपा कोटे के मंत्रियों की संख्या 22 हो गई। इससे पहले मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और भाजपा के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े भी पटना आए थे और प्रदेश भाजपा कोर कमेटी के साथ बैठक की थी। इस बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई थी।