अमेठी । भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। अमेठी जनपद के जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके बाबू के बीच रिश्वत के पैसों को लेकर हुए विवाद की जानकारी पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) असीम अरुण ने अयोध्या मंडल के उप निदेशक को जांच का निर्देश दिया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल और बाबू गोकुल प्रसाद जायसवाल को निलंबित किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 से अर्थात जब से अमेठी जनपद का गठन हुआ है तब से लेकर आज तक समाज कल्याण विभाग में गोकुल प्रसाद जायसवाल प्रधान सहायक के रूप में तैनात हैं। इनके ऊपर कई गंभीर आरोप भी लगे हैं जिसकी जांच 2020 और 22 से लगातार चल रही है। इसके बावजूद आज तक बाबू के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसी बीच गोकुल प्रसाद ने समाज कल्याण अधिकारी की शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि उनके द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है। बाबू ने जांच अधिकारी को साक्ष्य के साथ बताया था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जबरन उनके मोबाइल से अपनी पत्नी के खाते में 40 हज़ार रुपये ट्रांसफर किया है। दूसरी ओर जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल ने बाबू गोकुल प्रसाद पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी बाबू का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए वीडियो जांच अधिकारी को सौंपा है।
इस बात की जानकारी देते हुए जिला प्रशासन ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके प्रधान सहायक गोकुल प्रसाद जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण ने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हैं। आरोपित कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।