ऑपरेशन सागर बंधु: तूफान दितवाह ने श्रीलंका में मचाई भारी तबाही, भारत ने भेजी मदद
कोलंबो। श्रीलंका में दितवाह तूफान ने भारी तबाही मचाई है और अब यह भारत की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि तूफान जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, यह और भी तेज हो सकता है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी है कि भारत ने इस तूफान से हुई तबाही के बाद श्रीलंका के लिए मदद भेजी है।
आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी ने कोलंबो में राहत सामग्री सौंपी। आगे की कार्रवाई चल रही है।" भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और नवीनतम स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरि श्रीलंका में है। गौरतलब है कि आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि दोनों ही भारतीय युद्धपोतों की यह पहली विदेशी तैनाती है। यहां ये युद्धपोत श्रीलंकाई नौसेना द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2025 में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह गतिविधियां कोलंबो में 27 से 29 नवंबर तक जारी रहेंगी। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने श्रीलंका की सेना के हवाले से बताया कि तूफान दितवाह की वजह से आई भयंकर बाढ़ और लैंडस्लाइड से निपटने के लिए देश भर में डिजास्टर-रिलीफ ऑपरेशन के लिए 20,500 से ज्यादा श्रीलंकाई मिलिट्री के जवानों को तैनात किया गया है।
तूफान दितवाह शुक्रवार सुबह जमीन पर आया था। श्रीलंकाई सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल लसंथा रोड्रिगो ने कहा कि सेना ने प्रभावित जिलों में रेस्क्यू, राहत और जानकारी शेयर करने की कोशिशों को लेकर तालमेल बिठाने के लिए एक सेंट्रल ऑपरेशन सेंटर सक्रिय किया है। अब तक कुल 3,490 लोगों को बचाया गया और उन्हें दूसरी जगह बसाया गया है। सिन्हुआ ने जानकारी दी है कि श्रीलंका में इस तूफान की वजह से मरने वालों की संख्या अभी 56 है। मौसम विभाग ने कहा कि रविवार तक भारी बारिश जारी रहेगी।
