पुतिन का भारत दौरा क्यों अहम? गिरफ्तारी का डर क्यों नहीं? G-20 और BRICS से दूर रहने वाले राष्ट्रपति का एक्सक्लूसिव एक्सप्लेनर
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही दो दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे हैं, जबकि पिछले हफ्ते साउथ अफ्रीका में हुई G-20 समिट में वह शामिल नहीं हुए थे। इसकी मुख्य वजह इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) का गिरफ्तारी वारंट है। गिरफ्तारी के डर से पुतिन ने 2023 में साउथ अफ्रीका और जुलाई 2025 में ब्राजील में हुई BRICS बैठकों में भी व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लिया था।
सवाल-1: क्या भारत आने पर भी गिरफ्तार हो सकते हैं पुतिन?
जवाब: ICC के अरेस्ट वारंट के बावजूद भारत आने पर व्लादिमीर पुतिन गिरफ्तार नहीं होंगे। इसकी दो मुख्य वजहें हैं:
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भारत ICC का सदस्य नहीं: भारत ICC का सदस्य देश नहीं है और न ही इसने 1998 के रोम समझौते पर हस्ताक्षर किया है। ऐसे में, ICC द्वारा जारी वारंट भारत के लिए मान्य नहीं है।
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वारंट सलाहकार की तरह: अंतर्राष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ आकाश चंद्रन के अनुसार, ICC का वारंट उसके सदस्य देशों के लिए भी केवल एक सलाह की तरह होता है। भारत और रूस के मजबूत रिश्तों को देखते हुए, पुतिन की गिरफ्तारी कठिन है। ICC आर्टिकल 87(5) के तहत केवल भारत से अनुरोध कर सकता है, जिसे भारत अनदेखा कर सकता है।
उदाहरण: 2015 में सूडान के तत्कालीन राष्ट्रपति उमर हसन अहमद अल-बशीर (जिनके खिलाफ 2009 में वॉर क्राइम का अरेस्ट वारंट था) भी दिल्ली में इंडिया-अफ्रीका समिट में हिस्सा लेने आए थे और उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
सवाल-2: ICC ने पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी किया है?
जवाब: ICC ने व्लादिमीर पुतिन को वॉर क्राइम (युद्ध अपराध) का आरोपी बनाया है। इसके चलते 17 मार्च 2023 को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।
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आरोप: ICC ने कहा कि 16 हजार से ज्यादा यूक्रेनी बच्चों को गैर-कानूनी और अवैध तरीके से रूस भेजा गया है।
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दोषी: ICC के अनुसार, पुतिन इन बच्चों को किडनैप करके रूस भेजे जाने में दोषी हैं, क्योंकि उनके पास इस कार्रवाई की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने अपने सैन्य अधिकारियों और लोगों को ऐसा करने से नहीं रोका।
सवाल-3: गिरफ्तारी से बचने के लिए पुतिन क्या ऐहतियात बरतते हैं?
जवाब: ICC की ओर से अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद पुतिन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए निम्नलिखित ऐहतियाती कदम उठाए हैं:
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विदेशी दौरों में कमी: पुतिन ने विदेशी दौरों को घटा दिया है और अब केवल मित्र देशों की यात्रा करते हैं, जो ICC के सदस्य नहीं हैं।
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ICC देशों का एयरस्पेस से बचाव: ICC में 125 देश मेंबर हैं। पुतिन इन देशों की यात्रा नहीं करते और यहाँ तक कि वे इन 125 देशों के एयरस्पेस तक में प्रवेश नहीं करते।
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ग्लोबल समिट्स से दूरी: वह प्रमुख वैश्विक सम्मेलनों से दूरी बना रहे हैं और वर्चुअली शामिल होते हैं:
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2023 के BRICS समिट (साउथ अफ्रीका) और इस साल ब्राजील में हुई BRICS समिट में नहीं गए।
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2023 में दिल्ली में हुई G20 समिट में भी वे नहीं आए।
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APEC समिट (2024 पेरू, 2025 साउथ कोरिया) में भी शामिल नहीं हुए।
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