पंजाब में रोडवेज हड़ताल तीसरे दिन भी जारी: मंत्री की लंबी बैठक बेनतीजा, सोमवार को भी बसें नहीं चलने के आसार
Punjab Roadways Strike: पंजाब में शुक्रवार से शुरू हुई सरकारी बसों की हड़ताल रविवार को भी पूरे दिन जारी रही। रोडवेज, पीआरटीसी और पनबस के कांट्रेक्ट वर्करों द्वारा की जा रही इस हड़ताल का असर पूरे राज्य में यात्रा करने वालों पर गंभीर रूप से पड़ा। किलोमीटर स्कीम और कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर कोई सहमति न बनने से बसों का चक्का जाम लगातार तीसरे दिन कायम रहा।
मुलाजिमों की कार्रवाई पर सरकार के रुख से बढ़ा तनाव
अमृतसर में 200 बसें खड़ी, वर्कशॉप में धरना, पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदला
अमृतसर डिपो-1 और डिपो-2 की लगभग 200 सरकारी बसें वर्कशॉप में खड़ी रहीं। कर्मचारी मीटिंग के बावजूद धरने पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रही। इस बीच प्रशासन ने पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। भारी पुलिस बल की तैनाती से बस अड्डा सुरक्षा घेरे में नजर आया।
यूनियन का आरोप, सरकार तानाशाही पर उतर आई है
अमृतसर डिपो-1 के प्रधान केवल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने किलोमीटर स्कीम का टेंडर रद्द कराने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना शुरू किया था, लेकिन सरकार कार्रवाई का सहारा लेकर कर्मचारियों को जेल भेज रही है और उनकी नौकरियां छीन रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री के साथ मीटिंग चल रही है, लेकिन यदि मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
फरीदकोट में भी तीसरे दिन हड़ताल, बस स्टैंड को बनाया गया छावनी
फरीदकोट बस स्टैंड पर भी पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। संभावित तनाव देखते हुए पुलिस ने बस स्टैंड पर भारी फोर्स तैनात की और इसे पूरी तरह सुरक्षात्मक घेरे में ले लिया।
डीएसपी से लेकर SHO तक अलर्ट, कर्मचारियों के उग्र होने पर होगी कार्रवाई
जिला पुलिस ने एसपी मनविंदर बीर सिंह की निगरानी में बस स्टैंड पर तीन डीएसपी और पांच एसएचओ सहित भारी पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि यदि कर्मचारी बस स्टैंड का गेट बंद कर हिंसक प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लाठीचार्ज का आरोप, यूनियन बोली- दमन से नहीं डरेंगे, संघर्ष जारी रहेगा
पीआरटीसी यूनियन नेता हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी जायज़ मांगों को दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले कई जगहों पर कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया था। यूनियन की प्रांतीय कमेटी पटियाला में सरकार के साथ वार्ता कर रही है, लेकिन यदि बैठक बेनतीजा रही, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
