2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल: हरियाणा में मोबाइल ऐप से घर-घर डेटा कलेक्शन शुरू करने की तैयारी
Haryana News: हरियाणा सरकार ने वर्ष 2027 की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंडल से लेकर खंड स्तर तक अधिकारियों को जिम्मेदारियाँ सौंप दी गई हैं। गणनाकार मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे और उसे सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड करेंगे। यह डिजिटल प्रणाली जनगणना प्रक्रिया को तेजी और पारदर्शिता प्रदान करेगी।
बहुभाषी ऐप से होगा डेटा संग्रह
प्रशासनिक ढांचे में की गई नई नियुक्तियाँ
मंडल आयुक्तों को मंडल जनगणना अधिकारी, उपायुक्तों को प्रधान जनगणना अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्तों को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। उपमंडल स्तर पर एसडीएम, तहसील स्तर पर तहसीलदार और खंड स्तर पर बीडीओ को जनगणना दायित्व सौंपा गया है। नायब तहसीलदारों को अतिरिक्त चार्ज मिलेगा।
तकनीकी सपोर्ट से संवारे जाएंगे सर्वे के मानक
योजना, सांख्यिकी, आईटी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी उप जिला या अतिरिक्त जनगणना अधिकारी बनाया गया है। उनका मुख्य कार्य फील्ड टीमों को तकनीकी सहायता प्रदान करना, डेटा सत्यापन करना और लॉजिस्टिक समन्वय सुनिश्चित करना होगा।
शहरी निकायों और रक्षा क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था
शहरी इलाकों में नगर निगम आयुक्तों और प्रशासनिक प्रमुखों को प्रधान जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं रक्षा, अर्धसैनिक बलों और रेलवे, सिंचाई, वन एवं ऊर्जा विभाग जैसी सरकारी कॉलोनियों के लिए विशेष चार्ज अधिकारी तैनात किए जाएंगे। कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्रों को सांविधिक नगरों के समान माना जाएगा।
फील्ड गणनाकारों पर बड़ी जिम्मेदारी
प्रत्येक गणनाकार को औसतन 700 से 800 लोगों का डेटा जुटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। शिक्षक, लिपिक और स्थानीय निकायों के कर्मचारी गणनाकार बनाए जा सकते हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे। पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर, ईमेल और पहचान दस्तावेज अनिवार्य होंगे ताकि सभी प्रक्रियाएँ पेपरलेस और सुरक्षित रहें।
अगले वर्ष से शुरू होगा व्यापक प्रशिक्षण
गणनाकारों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले वर्ष की शुरुआत में आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण में मोबाइल ऐप संचालन, फील्ड सत्यापन और डिजिटल रिपोर्टिंग जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल होंगे।
