शामली। आसमान में फैले स्मॉग से आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई हो रही है। आसमान में फैला घना स्मॉग, न सिर्फ दृश्यता को प्रभावित कर रहा है, बल्कि लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर प्रदूषण के स्तर ने खतरनाक सीमा को पार कर लिया है, जिसके कारण आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याऐं बढ़ रही हैं।
कोहरे और प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राष्टंªीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर के मानक को लेकर अधिकारी चिंतित है। जिसके चलते रविवार को लगातार दिनभर आसमान में स्मॉग छाया रहा। सुबह के समय स्मॉग इतना अधिक था कि सडकों, हाईवों पर दृश्यता भी प्रभावित हो रही थी। पिछले कुछ दिनों में शामली की वायु गुणवत्ता सूचांक
109 से 259 के बीच रहा। यह संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक है।
रविवार को भी वायु गुणवत्ता सूचंका 190 के आसपास रहा। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याऐं भी बढ़ रही हैं। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण दुकानें और बाजार बंद रहे, जिस कारण लोगों को आसमान में फैले स्मॉग का महसूस नही किया, लेकिन बुर्जुग, और बीमार लोगों को परेशानियां हुई है। चिकित्सकों ने मास्क लगाकर घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।