जीएसटी दरों में कमी से देश में बढ़ी आर्थिक रफ्तार: रिकॉर्ड न्यूनतम महंगाई ने उपभोग को दिया नया इंजन
Gst Rate: वित्त मंत्रालय की ताज़ा मासिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी दरों में कमी और महंगाई के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से घरेलू उपभोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था जोखिमों का सामना करने और स्थिर वृद्धि बनाए रखने की बेहतर स्थिति में है। कर सुधारों और घटती मुद्रास्फीति ने उपभोग के नजरिए को और सकारात्मक बनाया है।
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आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता बनी हुई है
वित्त मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति संबंधी अनिश्चितताओं के बावजूद वैश्विक दबाव पहले की तुलना में कम हुए हैं। जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए विभिन्न स्वतंत्र आकलनों में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7% से 7.5% के बीच अनुमानित है, जो आर्थिक गतिविधियों की निरंतर मजबूती को दर्शाता है। नियंत्रित मुद्रास्फीति और ठोस घरेलू मांग ने दूसरी छमाही के लिए अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है।
मांग और सार्वजनिक निवेश बना सहारा
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बदलती व्यापार नीतियां, भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव निवेशक भावना और पूंजी निवेश के लिए चुनौतियां पेश कर रहे हैं। इसके बावजूद मजबूत मुद्रास्फीति पूर्वानुमान, सरकारी पूंजीगत खर्च में निरंतर बढ़ोतरी और ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में उठती मांग अर्थव्यवस्था की स्थिरता के अहम आधार हैं।
