100 साल पुरानी श्री बिहार धर्मशाला का होगा भव्य कायाकल्प: 100 कमरों, मैरिज हॉल, योगा सेंटर और पुस्तकालय से सुसज्जित बनेगा आधुनिक परिसर
Bihar News: बिहारशरीफ की ऐतिहासिक पहचान ‘श्री बिहार धर्मशाला’ को अब आधुनिक सुविधाओं से लैस नए रूप में पुनर्निर्मित किया जाएगा। 1925 में बनी इस धरोहर ने सौ वर्षों में हजारों यात्रियों का आश्रय स्थल बनकर सेवा की है। अब इसे पूर्णत: आधुनिक परिसर का रूप देकर पर्यटन और आवास की सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
19 कमरों से 100 कमरों तक, धरोहर का होगा विस्तार
एसडीओ की अध्यक्षता में भेजा गया प्रस्ताव
धार्मिक न्यास समिति के अधीन आने के कारण इसके पदेन अध्यक्ष एसडीओ हैं। भवन निर्माण संबंधी आपत्तियाँ दूर होने के बाद जी-4 श्रेणी का प्रपोजल भेजा गया है। न्यास अध्यक्ष रणवीर नंदन ने भरोसा दिलाया कि ऐतिहासिक धरोहर को सर्वश्रेष्ठ स्वरूप में पुनर्जीवित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
नए नक्शे में आधुनिक मैरिज हॉल, दुकानें, पुस्तकालय
नई प्रस्तावित धर्मशाला चार मंजिलों में तैयार होगी। ग्राउंड और फ़र्स्ट फ्लोर पर लगभग 50 दुकानों की बड़ी कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। सेकंड फ्लोर पर 50 आधुनिक कमरे, थर्ड फ्लोर पर विशाल मैरिज हॉल और चौथे फ्लोर पर अत्याधुनिक पुस्तकालय और योगा हाल का निर्माण किया जाएगा। पूरा परिसर 100 कमरों की क्षमता के साथ एक बड़ा आवासिक केंद्र बनेगा।
जरूरतमंदों के लिए मुफ्त आवास की व्यवस्था
निर्माण कार्य पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। किराया बाद में तय होगा, लेकिन समिति ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जरूरतमंद यात्रियों, मरीजों और साधु-संतों को मुफ्त आवास उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं छात्रों को रियायती दर पर कमरे दिए जाएंगे। इससे धर्मशाला अपने सामाजिक सरोकारों को और मजबूत करेगी।
परंपरा और आधुनिकता का संगम बनेगा परिसर
सचिव गोपाल का कहना है कि भरावपर स्थित यह ऐतिहासिक धरोहर अब आधुनिकता और परंपरा के अद्भुत संगम के रूप में फिर से जीवंत होने जा रही है। नए निर्माण से न सिर्फ स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि बिहारशरीफ में पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।
