गर्भपात की दवा से बढ़ा खतरा या अस्पताल की लापरवाही? बागेश्वर में प्रसूता की मौत से परिवार में कोहराम
Uttarakhand News: बागेश्वर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। महिला को बेरीनाग अस्पताल से प्राथमिक जांच के बाद रेफर किया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के कुछ घंटे बाद उसकी स्थिति गंभीर होती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप- लापरवाही ने ले ली जान
दो छोटे बच्चों की मां थी कविता
पिथौरागढ़ जिले के संगोड़ कोटमन्या, थल निवासी 22 वर्षीय कविता पाठक पत्नी नरेश पाठक रात में तबीयत खराब होने पर बेरीनाग अस्पताल ले जाई गई थीं। वहां से रेफर होकर बागेश्वर पहुंचने के कुछ घंटों बाद उनकी दर्दनाक मौत हो गई। दो छोटे बच्चों के कारण परिवार में कोहराम मच गया है और गांव शोक में डूबा है
पोस्टमार्टम और जांच शुरू
अस्पताल द्वारा सूचना दिए जाने पर कोतवाली पुलिस टीम जिला अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए। लापरवाही के आरोपों को देखते हुए मामला जांच के अधीन है।
गर्भपात की दवा से हुआ अत्यधिक रक्तस्राव
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा उपाध्याय ने बताया कि मृतका गर्भपात की दवा लेने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव से पीड़ित थी। बेरीनाग से रेफर होकर आने के बाद डॉक्टरों ने उसे बचाने के हर संभव प्रयास किए, लेकिन रक्तस्राव इतना ज्यादा था कि उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।
