नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार भारतीय योग संघ ने इस महत्वपूर्ण दिवस के आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया है। भारतीय योग संघ के महासचिव सुबोध तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी विस्तृत कार्य योजना पर चर्चा की। देशभर के 27 राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस चर्चा में भाग लिया, जिससे उनकी प्रतिबद्धता और उत्साह साफ झलकता है। आयुष मंत्रालय ने भारतीय योग संघ के इस सराहनीय प्रयास और पूर्व नियोजित योजना की सराहना की। इस सहयोग से न केवल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 का उत्सव और अधिक भव्य बनेगा, बल्कि योग के लाभों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी होगा।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम “वन अर्थ, वन हेल्थ के लिए योग” होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी से अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने और देश की पारंपरिक ज्ञान-परंपरा पर गर्व करने का आग्रह किया है। भारतीय योग संघ ने इस थीम को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारतीय योग संघ के सदस्यों ने इन आयोजनों के लिए अपनी कार्ययोजना पहले ही तैयार कर ली है। एक लाख स्थानों पर एक साथ योग प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। दस देशों के साथ साझेदारी कर प्रसिद्ध स्थलों पर योग सत्रों का आयोजन होगा। एक हजार योग पार्क विकसित कर समुदाय को दीर्घकालिक रूप से जोड़ने की योजना है।
विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों, बच्चों, बुजुर्गों और हाशिए पर मौजूद समुदायों के लिए समावेशी योग कार्यक्रम होंगे। इसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मानसिक स्वास्थ्य और नशे की लत जैसी स्थितियों पर केंद्रित 10 दिवसीय प्रशिक्षण होगा। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्वास्थ्य में योग की भूमिका पर 10 वर्षों के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा। वैश्विक वर्चुअल योग सम्मेलन भी होगा, जिसमें प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह योग के साथ वृक्षारोपण और सफाई अभियान को जोड़ने वाली एक अनूठी पहल होगी। युवाओं को योग से जोड़ने के लिए विशेष आयोजन किया जाएगा। 10 स्थानों पर सप्ताह भर चलने वाले महोत्सव का समापन प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होगा और 100 दिन तक योग तथा आधुनिक चिकित्सा का समावेशी अभियान चलेगा।