शुभ कार्य तत्काल करें, अशुभ कार्य को टालने का प्रयत्न करें: विजय कौशल महाराज
इस अवसर पर कथा व्यास ने श्रीराम सुग्रीव मित्रता, बाली वध के प्रसंग को आगे बढ़ते हुए कथा व्यास संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि भगवान पर मुरझाया पुष्प नहीं चढ़ाया जाता, खिला पुष्प चढ़ाया जाता है। इसी तरह भजन और भोग भी जवानी में ही हो सकता है। बुढ़ापे में भगवान का भजन क्या करोगे, उल्टा भगवान को सेवा करनी पड़ेगी। हमारा स्वभाव हो गया है, जवानी पैसे कमाने, भोग के लिए और बुढ़ापा भगवान के लिए। रसगुल्ले, रबड़ी जवानी में ही खा सकते हो फिर तो डॉक्टर मना कर देगा। जिसने जवानी में पैसा कमा लिया वह बुढ़ापे में आनंद से बैठकर खाता है। जिसने जवानी में भजन लिया वह बुढ़ापे में भजन का आनंद लेता है।
श्रीराम कथा में व्यास पीठ से संत विजय कौशल महाराज ने आगे कहा कि इधर बाली का वध और भगवान ने सुग्रीव का राजतिलक कराया। भगवान ने बताया शरीर से राज का संचालन करना और मन से काम का सुमिरन करते रहना। लेकिन जीव का स्वभाव है। चार चीजें मिलने पर उसी में डूब जाता है। चार मास के बीच में एक भी बार सुग्रीव भगवान राम से मिलने नहीं आया। चार माह बाद जब प्रभु कुटिया से बाहर निकले और तारा मंडल खिला देखा तो आंसू आए बोले सुग्रीव ने मुझे बिसरा दिया। मैने उसका सहयोग किया मुझे ही भूल गया।
भगवान क्रोध में आए एक बार मिल जाए जिस बाण से बालि को मारा उसी बाण से इसे कल मार डालूंगा। इस पर लक्ष्मण जी हंस पड़े। भगवान ने कहा मैं क्रोध कर रहा हूं आप हंस रहे। लक्ष्मण जी ने कहा अभी मारो न, कल पर कोई बात नहीं टालनी चाहिए। कल हमारी कुंडली में अशुभ है। पिता जी ने कहा था कि कल तेरा राजतिलक करूंगा तो वन में घूम रहे। श्रीराम स्वभाव से और श्रीकृष्ण प्रभाव से जाने जाते हैं। भगवान श्रीराम का स्वभाव देखो। अस स्वभाव कबहूं सुनहूं न देखूं। भगवान ने कहा कि लखन आज नहीं कल मारो, शुभ को करना हो तो आज करो, अशुभ को कल पर टालिए। हम अशुभ को तुरंत करते हैं और शुभ को कल पर टालते हैं। इसलिए हमारे जीवन पर शुभ नहीं आता है। इसके आगे सीता माता की खोज की कथा सुनाई। वानर लंका की ओर सीता की खोज में चले हनुमान जी के मार्गदर्शन में। कथा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।कथा वाचक विजय कौशल ने कहा कि सुंदर कांड के फल से धार्मिक लाभ मिलता है। हनुमान की पूजा सभी मनोकामना को पूरी करती है। बजरंगबली सबसे जल्दी प्रसन्न होते हैं। शास्त्रों में इनकी कृपा के अनेक उपाय बताए गए हैं।
पूरी रामायण में सुंदर कांड पाठ को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।हनुमान चालीसा सिद्ध मंत्र, सिद्ध ग्रंथ तथा सिद्ध पंथ है। हनुमान को प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें। महिलाओं के सुंदरकांड करने में कोई धार्मिक रोक नहीं है। कथा में मुख्य रूप से दैनिक रायल बुलेटिन के प्रधान संपादक व मीडिया सेंटर के अध्यक्ष अनिल रायल, मुजफ्फरनगर बुलेटिन के संपादक अंकुर दुआ, सुरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व आईजी पुष्पक ज्योति, सतीश जैन, राकेश बिंदल, सतीश गोयल, मधु गोयल,दिनेश कुमार, डॉ वीरेंद्र कुमार, मुकेश अग्रवाल, अनिल कुमार, नीरज अग्रवाल, एसडी पब्लिक के आकाश कुमार, अंकित कुमार, महेंद्र कुमार, विकास स्वरूप बंसल, मनीष कपूर, संजय मित्तल, पूर्व विधायक अशोक कंसल , अनिल तायल, प्रमोद माहेश्वरी, दिनेश मोहन ,अनिल गर्ग, अनिल कुमार, रजत गोयल आदि हजारों श्रद्धालुओं का स्वागत लाला फूल चंद कंसल, भीम कंसल, श्रीकृष्ण कंसल, ललित माहेश्वरी, अनिल कंसल, पराग कंसल आदि ने किया। संचालन शिशुकांत गर्ग ने किया।
