भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में प्रेम विवाद के चलते प्रेमिका ने अपने प्रेमी का अपहरण करने की साजिश रच डाली। इस घटना में 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। हालांकि, भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह घंटे के भीतर अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया और पीड़ित को सुरक्षित बचा लिया। यह घटना 31 मार्च की रात की है, जब अंजिता नायक को उसके भाई सोमनाथ स्वैन के मोबाइल से एक फोन आया।
फोन करने वाले ने सोमनाथ की रिहाई के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी, जिससे अंजिता को संदेह हुआ कि उसकी लिव-इन पार्टनर प्राप्ति शर्मा इसमें शामिल हो सकती है। अंजिता ने तुरंत खारवेल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने फोन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी का सहारा लिया। इसी दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि सोमनाथ और प्राप्ति शर्मा पिछले तीन साल से साथ रह रहे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और तीन टीमों के साथ ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने होटल में जाकर सोमनाथ को बचाया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राकेश चंद्र बारिक, श्यामसुंदर साहू, सिबाराम बेहरा, आकाश कुमार परिदा और प्राप्ति शर्मा शामिल हैं।
पुलिस ने एक सफेद आई-20 कार, एक सफेद होंडा सिटी, आठ मोबाइल फोन और हमले में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का तख्ता बरामद कर लिया है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस घटना में शामिल राकेश चंद्र बारिक का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है, और इस मामले में झारखंड का भी लिंक था, क्योंकि प्राप्ति शर्मा और सोमनाथ दोनों झारखंड से संबंधित हैं। हालांकि, पुलिस ने होटल मालिक की किसी भी संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है। डीसीपी ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य सोमनाथ को सुरक्षित बचाना था और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करना था। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद आरोपियों को कानूनी कार्रवाई के लिए खारवेल नगर थाने में भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अगर कोई और व्यक्ति इसमें शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।