शामली में सनसनीखेज मामला: जमीन विवाद और धमकियों के बीच युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, न्याय की गुहार लगा रहा पीड़ित परिवार
पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग; बूढ़े माता-पिता बोले— "बेटे की मौत के पीछे छिपी है गहरी साजिश"
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम से एक अत्यंत संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। परिवार का इकलौता सहारा रहे युवा जतिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है। 24 जुलाई को कैराना क्षेत्र में जतिन का शव मिलने के बाद से उसका परिवार लगातार न्याय और सच्चाई सामने आने की उम्मीद में दर-दर भटक रहा है। बूढ़े माता-पिता साहब सिंह और श्रीमती नीरज अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद पूरी तरह टूट चुके हैं और प्रशासन से पारदर्शी जांच की गुहार लगा रहे हैं।
जमीन विवाद और भूमाफियाओं के गंभीर आरोप:पीड़ित परिवार के अनुसार, उनकी बहुमूल्य जमीन पर भूमाफियाओं की गहरी नजर थी। परिवार का आरोप है कि कथित रूप से दबाव बनाकर और प्रपंच रचकर जतिन से उसकी जमीन लिखवा ली गई थी। इस जमीन विवाद और कथित घपलेबाजी को लेकर कानूनी मुकदमेबाजी चल रही थी। इसके बावजूद, बिना किसी वैध न्यायालयी आदेश के रात के वक्त जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया और परिवार को खुलेआम धमकियां दी गईं। परिवार ने उस वक्त भी स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनके अनुसार कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ये भी पढ़ें शामली: 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, तैयारियों को लेकर नोडल अधिकारी ऋतु नागर ने की बैठकघटनाक्रम और जान का खतरा:
ये भी पढ़ें शामली में विधानसभा चुनाव 2027 के लिए EVM और VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच शुरू, जानें पूरी प्रक्रियाअपनी और अपने परिवार की जान की सुरक्षा को लेकर भयभीत परिजनों ने 15 जुलाई को पुलिस अधीक्षक तथा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को लिखित शिकायत पत्र भेजा था। परिवार का दावा है कि जतिन को अपनी जान का गंभीर खतरा पहले से ही था और उसने अपनी जान को लेकर आशंका जताते हुए एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को उपलब्ध कराई थी। इसके बावजूद, 21 जुलाई की शाम को जतिन घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गया और वापस नहीं लौटा। अंततः 24 जुलाई को कैराना थाना क्षेत्र में उसका शव बरामद हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL जांच को लेकर खड़े हुए सवाल:
परिवार का सबसे बड़ा दर्द यह है कि 24 जुलाई को पोस्टमार्टम होने के बाद से वे लगातार अपनी रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है। परिवार का आरोप है कि कैराना थाने के एक दरोगा द्वारा उन्हें यह कहकर टाला जा रहा है कि "FSL रिपोर्ट आने में एक वर्ष तक का समय लग सकता है।" परिजनों को आशंका है कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने और भूमाफियाओं के प्रभाव के कारण जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
परिवार का किसी खास व्यक्ति पर सीधे तौर पर आरोप न होते हुए भी केवल यह स्पष्ट मांग है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्य उन्हें सौंपे जाएं तथा सच्चाई सामने लाई जाए।
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लेखक के बारे में
शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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