मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रसायन विभाग के बीएससी केमिस्ट्री और एमएससी (PSCT) के छात्र छात्राओं ने सीएसआईआर भारतीय पेट्रोलियम संस्थान देहरादून का भ्रमण किया। इस का भ्रमण उद्देश्य छात्र छात्राओं को प्लास्टिक के कचरे से डीजल तथा पेट्रोल बनाने की विधि कच्चे तेल से किस तरह से ईंधन, नेप्था, डीजल, केरोसिन, गैस तेल तथा दूसरे बहुमूल्य पदार्थों को निकाला जाता है के बारे में बताना और दिखलाना था।
इसके अलावा छात्र छात्राओं ने अत्याधुनिक उपकरणों की कार्य विधि के बारे में भी जानना था। सीएसआईआर आईआईपी में सभी छात्र छात्राओं ने प्लास्टिक वेस्ट टू डीजल प्लांट देखा। जिसकी कार्य प्रणाली को डॉक्टर अजय कुमार, हेड वेस्ट प्लास्टिक संयोजक प्रक्रिया प्रौद्योगिकी ने बहुत विस्तार से छात्र छात्राओं को बताया। उन्हें समझाया कैसे यह डीजल वाहनों के प्रयोग किए जाने वाले डीजल से ज्यादा असरदार है।
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इस डीजल में एंटी नॉकिंग गुण है तथा यह सल्फर रहित है। प्लास्टिक के कचरे को इकट्ठा करना दाने में परिवर्तन करना तथा कैटालिस्ट की मदद से एथिन तथा प्रोपीन में परिवर्तन करना व पायरोलिसिस विधि से डीजल बनाने की विधि को बताया। केमिस्ट्री के सभी छात्र छात्राओं ने इस विधि के सभी चरणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी ली। इस प्लांट में रोजाना एक टन प्लास्टिक से 750 लीटर डीजल बनाया जाता है। सभी छात्र-छात्राओं ने एनालिटिकल विंग का भी भ्रमण किया।
उन्होंने अति आधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली तथा महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों के बारे में जाना डॉ राजकुमार सिंह वरिष्ठ प्रधान, वैज्ञानिक डॉक्टर निशा, डॉक्टर सुंदरम शर्मा और मिस्टर विश्वास सैनी तथा उनकी टीम ने कच्चे तेल से संबंधित शोध कार्यों के बारे में जानकारी दी। तथा कच्चे तेल से विभिन्न अंशो के संग्रह के बारे में जाना, वैज्ञानिक हेमंत मधुकर कुलकर्णी जी ने सभी छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
इस भ्रमण में छात्राओं के साथ गए शिक्षक डॉक्टर मीनू तेवतिया व डॉक्टर निखिल कुमार ने इस भ्रमण को छात्र छात्राओं को औद्योगिक एक्सपोजर का एक बेहतर उपयोगी अवसर बताया। जिसमें कि उन्हें वेस्ट रीसाइकलिंग तथा पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की गहरी समझ प्रदान की गई। इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं। इस भ्रमण में माo कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला, विभागअध्यक्ष प्रोफेसर जयमाला, व बीoएसoसी (ऑनर्स) रसायन, एमoएसoसी (PSCT) की समन्वयक डॉक्टर नाजिया तरुन्नुम ने मार्गदर्शन दियाA सभी छात्र छात्राओं ने इस अवसर के लिए विश्वविद्यालय, विभाग और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।