Sunday, April 6, 2025

सहारनपुर मंडल की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 1757 करोड रुपए गन्ना भुगतान है बकाया :- भगत सिंह वर्मा

सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की योगी सरकार व केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी हैं। योगी सरकार ने गन्ने का इस गन्ना सीजन में ₹ 1 कुंतल भी नहीं बढ़ाया है। जबकि गन्ने की लागत लगातार महंगाई के कारण बढ़ती जा रही है। प्रदेश की योगी सरकार गन्ना किसानों को गन्ने का उत्पादन लागत से भी कम गन्ना भुगतान समय से चीनी मिलों से नहीं करा पा रही है। सरकार की गलत नीति के कारण प्रदेश के गन्ना किसानों पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण महाराष्ट्र के किसानों की तरह उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान भी कर्ज बढ़ने के कारण आत्महत्या कर रहे हैं और गन्ना किसानों का लगातार गन्ना उत्पादन से मोह भंग हो रहा है।
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गन्ने से प्रदेश सरकार चीनी मिल मालिक और गन्ना विभाग मिलकर बड़ी लूट कर रहे हैं। 1 वर्ष तक लगातार मेहनत करने वाले गन्ना किसानों को खोई के  बराबर भी गन्ना मूल्य नहीं मिल रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सहारनपुर मंडल की 19 चीनी मिलों पर चालू गन्ना सीजन का अभी भी 1757 करोड रुपए गन्ना भुगतान बकाया है। इसी प्रकार सहारनपुर जिले की आठ चीनी मिलों पर इस वर्ष का 457 करोड रुपए गन्ना भुगतान बकाया है। शुगर कंट्रोल ऑर्डर 1966 के अनुसार जो चीनी मील 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान नहीं करती हैं उन्हें 15% वार्षिक दर से गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान करना चाहिए और गन्ना किसानों से दुलाई किराया नहीं काटना चाहिए।
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भगत सिंह वर्मा ने बताया कि मंडल की 19 चीनी मिलों द्वारा पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज 1700 करोड रुपए बकाया है। जिसे दिलाने के लिए माननीय हाईकोर्ट प्रयागराज और माननीय सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली द्वारा भुगतान करने के आदेश कई वर्ष से दिए हुए हैं। ब्याज का भुगतान गन्ना किसानों को न होने के लिए प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार सीधे-सीधे जिम्मेदार और दोषी है। मंडल की चीनी मिलों के कांटों में भारी घटतौली की जा रही है। जिसके लिए प्रदेश सरकार गन्ना विभाग चीनी मिल मालिक और प्रशासन सीधे-सीधे जिम्मेदार हैं। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि घटतौली करने वाली चीनी मिलों के मिल मालिकों व प्रबंध तंत्र को सरकार जेल भेजने का काम करें। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि गन्ना भुगतान व ब्याज का भुगतान न होने के कारण किसानों के पास अपने बच्चों की पढ़ाई के भी पैसे नहीं है और बुजुर्ग मां-बाप के इलाज के लिए भी पैसे नहीं है। गन्ना किसान भारी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। गन्ने की उत्पादन लागत 550 रुपए कुंतल है। इस हिसाब से गन्ने का लाभकारी मूल्य कम से कम ₹ 700 कुंतल होना चाहिए। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों को जाति, बिरादरी, धर्म, पार्टी और दलों से ऊपर उठकर अपने हकों के लिए संघर्ष करना होगा।
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पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण होने पर यहां के गन्ना किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹ 700 कुंतल मिलेगा। घटतौली बंद होगी और गन्ना भुगतान व ब्याज 14 दिन के अंदर मिलेगा। बैठक की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने की और संचालन प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक ने किया। बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार रजत शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फिरोज खान, राष्ट्रीय महामंत्री रामकुमार नेता, प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ मुर्तजा सलमानी, प्रदेश सचिव डॉ परविंदर मलिक, मंडल मीडिया प्रभारी दुष्यंत सिंह, जिला उपाध्यक्ष रोहित फुटेला, जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह एडवोकेट, जिला मंत्री महबूब हसन ने भाग लिया।
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