मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की राजनीति विज्ञान के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में आरएसएस पर आपत्तिजनक प्रश्न पूछे जाने पर हुए विवाद के बाद पेपर बनाने वाली प्रो. सीमा पंवार ने माफी मांगी है। प्रोफेसर सीमा पंवार को विवि ने आजीवन के लिए डिबार कर दिया है। सीसीएसयू के कुलसचिव धीरेन्द्र कुमार वर्मा ने विवि प्रशासन ने जांच समिति बनाकर प्रश्न पत्र की जांच की तो पता चला कि यह पेपर मेरठ कॉलेज में राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सीमा पंवार ने बनाया था। वह राष्ट्रीय कवि डॉ. हरिओम पंवार के छोटे भाई की पत्नी हैं।
कुलसचिव के अनुसार विश्वविद्यालय में उन्हें आजीवन के लिए सभी परीक्षा और मूल्यांकन कार्यों से डिबार कर दिया है। कुल सचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय की आपत्ति के बाद प्रोफेसर सीमा पंवार ने लिखित में माफी मांगी है कि उन्होंने जानबूझकर किसी को आहत करने के लिए ऐसा नहीं किया है। बुधवार दो अप्रैल को हुई परीक्षा में प्रश्न संख्या 87 और 97 में आरएसएस को लेकर प्रश्न पूछे गए थे। प्रश्न पत्र में पूछे गए प्रश्नों में से एक में आरएसएस को धार्मिक और जातीय पहचान की राजनीति के उदय से जोड़ा गया।
जबकि दूसरे प्रश्न में परमाणु समूह पर पूछे गए प्रश्न में आरएसएस का नाम दिया गया था। अखिल भारतीय परिषद के महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मेरठ महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा एमए(व्यक्तिगत)राजनीतिक विज्ञान की कोड़ संख्या G-471 की वार्षिक परीक्षा के बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संदर्भ में तथ्यहीन व अनुचित प्रश्न पूछे जाने पर चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय में कुल सचिव से आपत्ति जताई गई थी।
विगत 2 अप्रैल 2025 को राजनीति विज्ञान की अंतिम वर्ष की परीक्षा में प्रश्न क्रमांक 93 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को एक धार्मिक एवं जातीय राजनीति के विचार के उदय का कारण होने का विकल्प उपलब्ध कराया गया।