शामली। जिले में ट्यूबवेलों पर कम विद्युत आपूर्ति से परेशान किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (प्रधान) के पदाधिकारियों के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को सौंपा। किसानों ने ट्यूबवेलों पर कम से कम 10 घंटे की निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि कृषि कार्य के लिए नहरों के साथ-साथ निजी नलकूप भी फसलों की सिंचाई में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन 22 मार्च को जारी आदेश के तहत कृषि पोषक फीडर से विद्युत आपूर्ति 10 घंटे से घटाकर 7 घंटे कर दी गई है। इतना ही नहीं, इस 7 घंटे की आपूर्ति को दो भागों में विभाजित कर दिया गया है, जिससे किसान समय से अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि अब गर्मी का मौसम शुरू हो गया है, जिससे फसलों को अधिक पानी की आवश्यकता है। लेकिन ट्यूबवेलों की विद्युत आपूर्ति घटने और उसे दो भागों में बांटे जाने से किसान फसलों की सही तरीके से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इसका सीधा असर फसलों की उपज पर पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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किसानों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि कृषि पोषक फीडरों पर 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के आदेश जारी किए जाएं और 7 घंटे की विद्युत आपूर्ति के आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।