झांसी। झांसी में आय से अधिक संपत्ति जमा करने के 24 साल पुराने मामले में विजिलेंस इकाई ने चित्रकूट जिले के तत्कालीन डीएम, सीडीओ समेत 9 अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह रिपोर्ट आय से अधिक संपत्ति का साक्ष्य मिलने के बाद दर्ज की गई है। मामले में शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारी अब रिटायर्ड हो चुके हैं। विजिलेंस ने इस मामले की जांच 2022 में शुरू की थी, जिसमें 27 अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ की गई और 369 फाइलें खंगाली गईं।
झांसी विजिलेंस इकाई में चित्रकूट जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी ओम सिंह देशवाल, मुख्य विकास अधिकारी भूपेंद्र त्रिपाठी, परियोजना निदेशक प्रेमचन्द्र द्विवेदी, आरईएस के सहायक अभियंता बुद्धिराम चौधरी, परियोजना निदेशक सोनपाल, डीआरडीए के प्रदीप कुमार माथुर के अलावा मुन्ना लाल तिवारी, राम स्वरूप श्रीवास्तव और देव नारायण तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यह मामला 24 साल पुराना है जिसमें सरकारी अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने सांसद निधि और अन्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत आवंटित राशि का दुरुपयोग किया और बिना किसी काम के धन का गबन कर लिया। 1999 में चित्रकूट कोतवाली में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।