Monday, February 26, 2024

मेरठ में फर्जी डिग्री से बने असिस्टेंट प्रोफेसर, जांच में खुलासा

मेरठ। सीसीएसयू के नाम की फर्जी डिग्री लेकर बंगलूरु में असिस्टेंट प्रोफेसर बने चार लोगों की पोल खुल गई है। विजिलेंस टीम की जांच में पता चला कि इनमें महिला भी शामिल है। जांच में ये बड़े राज भी खुले हैं।

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चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) के नाम की फर्जी डिग्री से बंगलूरू के डिपार्टमेंट ऑफ कॉलिजिएट एंड टेक्नीकल एजूकेशन में महिला समेत चार लोगों ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनाती ले ली। कर्नाटक सरकार ने डिग्रियों का वेरीफिकेशन कराया तो 27 अक्तूबर 2022 को सीसीएसयू के लेटरपैड पर डिग्रियां सही होने की रिपोर्ट भेज दी गई।
वहीं, इसका खुलासा तब हुआ जब बंगलूरु से विजिलेंस की टीम आई। जांच में सभी डिग्रियां फर्जी निकलीं। वेरीफिकेशन पत्र फर्जी है, मगर मुहर विवि की है। गोपनीय विभाग ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है।

 

गोपनीय विभाग के सूत्रों के अनुसार, बंगलूरु से विजलेंस टीम चार असिस्टेंट प्रोफेसर की मार्कशीट और डिग्रियां लेकर पहुंची। इसमें नागानागौडा, देवेंद्र बाबू व सचिन कुमार की डिप्लोमा इन लाइब्रेरी एंड इन्फोरमेंशन साइंस और ज्योतिश्री की राजनीति विज्ञान में 2019 में हुई पीएचडी की डिग्री थी।

 

विजिलेंस टीम ने गोपनीय विभाग के अधिकारियों को बताया कि बंगलूरु के शेशाद्रि रोड स्थित डिपार्टमेंट ऑफ कॉलिजिएट एंड टेक्नीकल एजुकेशन में चार लोगों की असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनाती है। कई जगह से लगातार जानकारियां मिल रही हैं कि ये डिग्रियां फर्जी हैं, मगर पुष्टि नहीं हो रही।

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