मुजफ्फरनगर में खुद को आग लगाने वाले अनस की मौत, बुढ़ाना पुलिस पर लगे थे गंभीर आरोप; तीन पुलिसकर्मी निलंबित
मुजफ्फरनगर । बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के हुसैनपुर कलां गांव निवासी 23 वर्षीय अनस उर्फ मोहम्मद अनस का आठ दिन के उपचार के बाद बुधवार शाम को निधन हो गया। अनस ने 19 नवंबर, 2025 को अपने घर में पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी, जिसमें वह 80 प्रतिशत तक झुलस गया था। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
वायरल वीडियो में पुलिस पर गंभीर आरोप
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान अनस ने एक वीडियो बयान रिकॉर्ड किया था, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया था। इस वीडियो में उसने बुढ़ाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे:
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अवैध हिरासत और मारपीट: अनस ने दावा किया था कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण के हिरासत में लिया और थाने में बेरहमी से पीटा।
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रिश्वत की मांग: उसने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उसे छोड़ने के लिए पाँच लाख रुपए की रिश्वत माँगी थी, और पचास हजार रुपए लेने के बाद उसे छोड़ा गया।
पिता ने आरोपों को बताया निराधार
अनस के वीडियो के दो दिन बाद, उसके पिता मुर्सलीन ने भी एक वीडियो जारी किया। उन्होंने अपने बेटे के बयानों को गलत बताते हुए कहा कि उनका बेटा मानसिक रूप से परेशान था।
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पिता ने स्पष्ट किया था कि पुलिस द्वारा कोई मारपीट या रिश्वत की मांग नहीं की गई थी, और बेटे द्वारा लगाए गए आरोप निराधार थे।
गंभीरता को देखते हुए पुलिस पर कार्रवाई
बावजूद इसके, इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे।
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जांच टीम: यह जांच एसपी देहात आदित्य बंसल और सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह को सौंपी गई थी।
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निलंबन: सीओ की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर, एसएसपी ने बुढ़ाना कोतवाली की क्राइम टीम के तीन पुलिसकर्मियों— सब इंस्पेक्टर राम अवतार, हेड कॉन्स्टेबल भूपेंद्र, और कॉन्स्टेबल विकास—को निलंबित कर दिया था।
अनस की मौत के बाद अब यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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