स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का व्यवहार संत जैसा नहींः अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज और प्रशासन के बीच छिड़े टकराव पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने चुप्पी तोड़ी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का व्यवहार संत जैसा नहीं है।
उन्होंने बुधवार रात मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने के लिए अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि कुंभ और महाकुंभ में शाही स्नान अखाड़ों का होता है। माघ मेले में ऐसी कोई परम्परा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो सनातन विरोधी के लिए काम करेगा, उसके साथ संत समाज नहीं खड़ा होगा।
पुरी ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद हिन्दुओं को बांट रहे हैं। योगी आदित्यनाथ गोरखपीठ के पीठाधीश्वर ही नहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्हें खुलेआम गाली दे रहे हैं। प्रधानमंत्री को गाली दे रहे हैं। ऐसा व्यवहार करने वाला कभी संत नहीं हो सकता। अविमुक्तेश्वरानंद ने आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर माघ मेले को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया है। उन्होंने कहा कि आपने योगी को हुमायूं का बेटा कहकर निंदनीय अपराध किया है। आपके खिलाफ विधिक कार्रवाई होनी चाहिए।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
