मुजफ्फरनगर में 'जोगी' बनकर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार; हिंदू-मुस्लिम दोनों धर्मों के मिले फर्जी आधार कार्ड
मुजफ्फरनगर / Muzaffarnagar (नियाजूपुरा / Niyazupura): शहर कोतवाली पुलिस ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मद्देनजर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान एक सनसनीखेज गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है जो अपनी पहचान छिपाकर और भेष बदलकर हिंदू-मुस्लिम दोनों बस्तियों में लोगों से ठगी कर रहे थे। इनके पास से अलग-अलग धर्मों के फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र बरामद हुए हैं।
कैसे देते थे ठगी को अंजाम? पूछताछ में सामने आया कि ये तीनों 'मुस्लिम जोगी' हैं। गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था:
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पहचान बदलना: ये लोग हिंदू बस्तियों में जाने के लिए हिंदू नाम (अमन, सचिन, सुभाष) के फर्जी आधार कार्ड दिखाते थे और खुद को हिंदू बताकर कमरा किराये पर लेते थे।
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रुपये ऐंठना: अपनी नकली मजबूरी बताकर स्थानीय लोगों से रुपये ऐंठते थे और फिर वहां से फरार हो जाते थे।
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दोहरी पहचान: इसी तरह मुस्लिम इलाकों में अपनी असली मुस्लिम पहचान वाले कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को ठगते थे। ये आरोपी अब तक रामपुरी, सरवट, हरसौली और तावली जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रह चुके हैं।
फर्जी कार्ड बनाने वाले की तलाश: पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी बरामद किए हैं। आरोपियों ने बताया कि बागपत के बदरखा रोड निवासी शमीम ने ये फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पुलिस अब शमीम की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक विक्रांत कुमार और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।
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