विश्व हिंदू प्रवासियों ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, बांग्लादेश हिंसा पर कार्रवाई का किया आग्रह
वॉशिंगटन। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में हिंदू प्रवासी समूहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सलाहकारों से खास बांग्लादेश में हालात को लेकर अपील की है। हिंदू प्रवासियों ने भारत सरकार से बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर तुरंत एक्शन लेने की अपील की है। उन्होंने हत्याओं, भीड़ के हमलों और कथित तौर पर सरकार की तरफ से कोई एक्शन न लेने का हवाला दिया है। पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में, वैश्विक हिंदू प्रवासियों ने कहा कि वे यह अपील बहुत दुख और जल्दबाजी के साथ कर रहे हैं। यह अपील समूहों ने एक युवा बांग्लादेशी हिंदू, दीपू चंद्र दास, की लिंचिंग और जिंदा जलाने और इसी तरह के कई हमलों के बाद की है।
चिट्ठी में आगे कहा गया कि अगस्त 2024 और जून 2025 के बीच अल्पसंख्यकों पर 2,442 से ज्यादा हमले हुए और इनमें ज्यादातर हिंदू थे। इस दौरान दर्जनों अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याएं भी हुईं। समूह ने कहा कि अकेले अगस्त और नवंबर 2024 के बीच 82 लोग मारे गए। इसके साथ ही रेप, मंदिर में तोड़फोड़ और भीड़ द्वारा आग लगाने की घटनाएं भी सामने आईं। चिट्ठी में बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई यूनिटी काउंसिल के आंकड़ों का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि हाल के हफ्तों में हालात और खराब हो गए हैं। पिछले 35 दिनों में लिंचिंग, शूटिंग और भीड़ के हमलों में 11 हिंदू मारे गए हैं।
विश्व हिंदू प्रवासियों ने भारत से हमलों की सबके सामने निंदा करने की अपील की। इसने एक मानवीय कॉरिडोर, रिफ्यूजी कैंप और यूएन की निगरानी वाले सेफ जोन बनाने की मांग की। इसके साथ ही नई दिल्ली से यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने और कट्टरपंथी समूहों पर राजनयिक और आर्थिक दबाव डालने की भी अपील की। चिट्ठी में आगे कहा गया कि कई बांग्लादेशी हिंदू बिना सुरक्षित कॉरिडोर के सुरक्षित रूप से भारत नहीं पहुंच सकते। वैश्विक हिंदू प्रवासियों ने अमेरिका में देश भर में मौन विरोध की योजना की भी घोषणा की। यह विरोध प्रदर्शन शनिवार, 31 जनवरी को अमेरिका के बड़े शहरों में होना है। आयोजकों ने कहा कि इसका मकसद जागरूकता बढ़ाना और यह मैसेज देना है कि हिंसा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
