वाराणसी। कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) द्वारा रविवार को 'मनरेगा बचाओ मार्च' निकाला जाना था। यह मार्च एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर से शुरू होकर प्रधानमंत्री के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक जाना प्रस्तावित था।
पुलिस ने कई थानों की फोर्स और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिसर के अंदर ही सभी को रोक दिया। कई छात्रों को हिरासत में भी ले लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। छात्रों को रोकने पर वे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। काफी समझाने-बुझाने के बावजूद वे रुकने को तैयार नहीं हुए। इस कारण कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ देर पहले पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्वयं फोर्स के साथ परिसर में मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष (पूर्वी उत्तर प्रदेश) ऋषभ पाण्डेय ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हे रोक दिया। आखिर 'मनरेगा बचाओ मार्च' से किसी को क्यों आपत्ति हो रही है।