अगर अमेरिका ने हमला किया, तो हम इजरायल, अमेरिका दोनों पर हमला करेंगे : ईरान संसद अध्यक्ष ग़ालिबाफ़
तेहरान। ईरान की मजलिस (संसद) के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर ग़ालिबाफ़ ने कहा है कि अगर अमेरिका उनके देश पर हमला करता है तो वे भी इजरायल और अमेरिका दोनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिये तैयार हैं। कैस्पियन पोस्ट की ओर से प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार, श्री ग़ालिबफ़ ने एक आपातकालीन बैठक के दौरान कहा कि इजरायल और अमेरिका का सामना करने के अलावा ईरान आर्थिक, संज्ञानात्मक-मनोवैज्ञानिक और 'सैन्य-आतंकवाद' के मोर्चे पर भी जंग लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो वह इजरायल और पूर्वी एशिया में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया, "अगर अमेरिका हमारे ऊपर सैन्य हमला करता है तो उनके कब्जे के दोनों क्षेत्रों यानी इजरायल और अमेरिकी सैन्य-नौसेना ठिकाने हमारे निशाने पर आ जायेंगे।"
श्री ग़ालिबाफ़ ने कहा, "हम खुद को कार्रवाई के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं मानते हैं। हम खतरे के किसी भी ठोस संकेत के आधार पर कार्रवाई करेंगे।" इस संसदीय सत्र के दौरान सांसदों ने "अमेरिका मुर्दाबाद" के नारे लगाये। यह घटना तब हुई जब अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियोस ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर गाजा, सीरिया और ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा की।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका ईरान में 'प्रदर्शनकारियों की मदद करने के लिये' तैयार है। उन्होंने शनिवार रात एक पोस्ट में लिखा, "ईरान आज़ादी की ओर देख रहा है, शायद अभूतपूर्व तरीके से। अमेरिका मदद करने के लिये तैयार है!"
दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे बैरन ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की वीडियो साझा करते हुए कहा कि प्रशासन बिजली काटकर विरोध प्रदर्शनों पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर अपने फ़ोन से गलियों को रोशन कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर कहा, "आप बिजली काट सकते हैं। आप लोगों की इच्छाशक्ति खत्म नहीं कर सकते। हर तानाशाह सरकार यही गलती करती है। और इसका नतीजा हमेशा एक जैसा ही होता है।"
