दिल्ली आबकारी घोटाला: आरोपी बिनय बाबू को विदेश जाने की इजाजत; राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दी राहत
नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में आरोपित बिनय बाबू को विदेश जाने की अनुमति दे दी है। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने बिनय बाबू को 14 से 23 मार्च तक न्यूजीलैंड जाने की इजाजत दी है।
कोर्ट ने बिनय बाबू को 25 लाख का फिक्स डिपॉजिट जमानत के तौर पर जमा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने बिनय बाबू को अपनी यात्रा का पूरा विवरण और ठहरने के स्थान का विवरण दाखिल करने का निर्देश दिया। बिनय बाबू ने अपने व्यापारिक कार्यों के लिए न्यूजीलैंड जाने की अनुमति मांगी थी। याचिका में बिनय बाबू ने कहा था कि वो गुरुग्राम का निवासी है और वो मेसर्स पेर्नाेड रिकार्ड इंडिया प्रा.लि. का स्थायी कर्मचारी है और फिलहाल वो महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत है।
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील ने बिनय की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता वास्तविक लेनदेन को छिपाने का आरोपित रहा है और अपने को बेदाग कहता रहा है। याचिकाकर्ता इस अपराध की साजिश में शामिल रहा है। अगर उसे विदेश जाने की अनुमति मिली तो इससे मामले के ट्रायल पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को उच्चतम न्यायालय से 2023 में ही जमानत मिल चुकी है और उच्चतम न्यायालय ने जमानत की कोई भी शर्त नहीं लगाई।
इसके पहले 5 जनवरी को कोर्ट ने इस मामले के आरोपी गौतम मल्होत्रा को दुबई जाने की अनुमति दी थी। इस मामले में आरोपी शरद चंद्र रेड्डी और राघव मगुंटा को कोर्ट पहले ही सरकारी गवाह बनने की अनुमति दे चुका है।
ईडी ने सातवीं पूरक चार्जशीट 17 मई 2024 को दाखिल की थी जिसमें आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को आरोपित बनाया गया था। ईडी ने 21 मार्च 2024 की देर शाम केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 10 मई 2024 को उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून 2024 तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने दो जून 2024 को सरेंडर किया था।
केजरीवाल को 26 जून 2024 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। उच्चतम न्यायालय ने 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई 2024 को ईडी के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी। इस मामले के सभी 40 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।
