किसान नेताओं पर मुकदमों से भड़के राकेश टिकैत: अफसरों को दी सीधी चेतावनी, बोले- 'सब संगठन मिलकर इनका इलाज भर दो'
मुजफ्फरनगर / Muzaffarnagar: जनपद में किसान संगठनों की गतिविधियों और आंदोलनों पर पुलिस-प्रशासन की बढ़ती सख्ती ने एक बार फिर माहौल गरमा दिया है। जागाहेड़ी टोल प्लाजा और एसएसपी कार्यालय के घेराव मामले में किसान नेताओं पर दर्ज हुए गंभीर मुकदमों ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के गुस्से को भड़का दिया है। टिकैत ने इसे प्रशासन की तानाशाही करार देते हुए सभी संगठनों से एकजुट होने की अपील की है।
मुकदमों की झड़ी और पुलिसिया कार्रवाई: उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में प्रशासन ने कई बड़े एक्शन लिए हैं:
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भाकियू तोमर पर एफआईआर: पानीपत-खटीमा हाईवे स्थित जागाहेड़ी टोल (Jagahedi Toll) घेरने के मामले में तितावी थाने में पदाधिकारियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ।
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भाकियू अराजनैतिक पर केस: फैक्ट्रियों में सॉलिड वेस्ट (RDF) के विरोध में एसएसपी कार्यालय घेरने पर सिविल लाइन थाने में 4 बड़े नेताओं सहित 400 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया।
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नई मंडी लाठीचार्ज: इससे पहले भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं पर धरना देने के दौरान पुलिस लाठीचार्ज भी हो चुका है।
सरकार पर बोला हमला: राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में शांतिपूर्ण आंदोलनों को रोकने के लिए मुकदमों और लाठीचार्ज को हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह किसान हितों के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति है। टिकैत ने आह्वान किया कि प्रशासन के खिलाफ अब 'एक मुट्ठी' बनकर खड़ा होना अनिवार्य हो गया है, तभी किसानों के हितों की रक्षा हो सकेगी।
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