मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ ‘आप’ का हल्ला बोल, पंजाब में FIR दर्ज, दिल्ली विधानसभा ने डीजीपी को दिया नोटिस
नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को पंजाब पुलिस के तीन शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 'विशेषाधिकार हनन' का नोटिस जारी किया है। यह पूरा विवाद दिल्ली के विधि मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ जालंधर में दर्ज हुई एफआईआर (FIR) से शुरू हुआ है, जो विधानसभा की एक वीडियो क्लिप पर आधारित है।
संवैधानिक मर्यादा और विशेषाधिकार का सवाल: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कड़े शब्दों में कहा कि जो वीडियो क्लिप जालंधर पुलिस ने आधार बनाई है, वह सदन की आधिकारिक रिकॉर्डिंग है और 'सदन की संपत्ति' है। उन्होंने सवाल उठाया कि सदन की संपत्ति का दुरुपयोग कर किसी मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अधिकार पंजाब पुलिस को किसने दिया?
मुख्य बिंदु:
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सुनियोजित साजिश: अध्यक्ष ने इसे सदन की गरिमा पर हमला और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की एक 'सुनियोजित साजिश' करार दिया।
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फॉरेंसिक जांच: जिस वीडियो क्लिप को 'छेड़छाड़' वाला बताया जा रहा है, सदन उसे पहले ही फॉरेंसिक जांच और विशेषाधिकार समिति को भेज चुका है।
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आतिशी का मामला: मामला नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं पर कथित टिप्पणी से जुड़ा है। अध्यक्ष ने कहा कि आतिशी से सिर्फ माफी मांगी गई थी, जिससे मामला टल सकता था, लेकिन वे सदन में उपस्थित नहीं हुईं।
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अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन: विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही 'विशेषाधिकार प्राप्त' (Privileged) होती है। इसके संबंध में कोई भी बाहरी एजेंसी बिना अध्यक्ष की अनुमति के हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
जालंधर पुलिस ने कपिल मिश्रा के 'X' (ट्विटर) हैंडल से वीडियो डाउनलोड कर यह कार्रवाई की थी, जिसे अब दिल्ली विधानसभा ने सीधे तौर पर अपने अधिकारों का हनन माना है।
